बिहार में एसआईआर के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद लगभग 30 हज़ार मतदाताओं ने अपने नाम जुड़वाने के लिए फिर से आवेदन दिया है। नाम हटाए गए लोगों में से क़रीब दो लाख लोगों ने आपत्तियाँ दर्ज कराईं। तो फिर सवाल है कि आख़िर इतने कम मतदाताओं ने नाम जुड़वाने के लिए अर्जी क्यों दी? क्या लोगों को अर्जी देने के लिए कम समय मिला या फिर इसका दूर-राज के गाँवों में उतना प्रचार नहीं हो पाया? या फिर कुछ और वहज है?
बिहार में हटाए गए 30 हज़ार वोटरों ने फिर दी अर्जी, 2 लाख आपत्तियाँ आईं: ECI
- बिहार
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- 31 Aug, 2025
बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हटाए गए 65 लाख वोटरों में से अब तक कितने लोगों ने फिर से नाम जुड़वाने के लिए अर्जी दी? चुनाव आयोग के पास अब तक कितनी आपत्तियाँ पहुँचीं? जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा।

बिहार एसआईआर
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी एसआईआर का आदेश जारी किया था। इसके तहत राज्य के सभी 7.89 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं को 25 जुलाई तक नए सिरे से गणना फॉर्म भरने थे। 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में 7.24 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। इसमें 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। इनमें से 22.34 लाख मृतक, 36.28 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित और 7.01 लाख एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।