आरजेडी का यह विरोध प्रदर्शन पिछले महीने सिवान में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस कार्रवाई, AK-47 से फ़ायरिंग के ख़िलाफ़ है। RJD के सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजभवन की ओर बढ़ रहे थे।
आरजेडी के प्रोटेस्ट में डमी एके47 का प्रदर्शन और तेजस्वी हिरासत में
बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और सिवान में AK-47 फायरिंग के विरोध में आरजेडी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया। तेजस्वी के नेतृत्व में आरजेडी नेता और समर्थक राजभवन की ओर मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शन में आरजेडी के सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
जब प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तेजस्वी यादव सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। आरजेडी का कहना है कि वह छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक के मामलों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहा है।
आरजेडी कार्यकर्ता सुबह पटना के जेपी गोलंबर पर जुटे। फिर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन की ओर मार्च शुरू किया गया। पुलिस ने आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। उनपर वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। इसी दौरान तेजस्वी और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी एक प्रतीकात्मक AK-47 भी लेकर पहुंचे, जिसे उन्होंने सिवान की घटना के विरोध का प्रतीक बताया।
छात्रों को न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी: तेजस्वी
हिरासत में लिए जाने से पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। वॉटर कैनन के इस्तेमाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिहार सरकार के निर्देश पर की गई।
तेजस्वी ने कहा, 'यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। पानी की बौछार से हमें डराया नहीं जा सकता। जनता जाग चुकी है और सड़क पर उतर आई है। सरकार को झुकना पड़ेगा।"
आरजेडी सांसद मीसा भारती भी इस मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किया है कि छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 का इस्तेमाल हुआ था। मीसा भारती ने कहा,अगर AK-47 का इस्तेमाल हुआ तो इसकी अनुमति किसने दी? अगर जिला प्रशासन ने अनुमति दी थी तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार सरकार छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है।
क्या था सिवान का मामला?
पिछले महीने बिहार के सिवान जिले में कथित NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिसकर्मी AK-47 रायफल से हवा में फायरिंग करता हुआ दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने उस समय कहा था कि किसी भी प्रदर्शनकारी को AK-47 की फायरिंग से चोट नहीं लगी। हथियार से हवा में फायर किया गया था। घटना की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बल को पहले ही गोली न चलाने के निर्देश दिए गए थे।हालांकि, झड़प के दौरान तीन नागरिकों के गोली लगने से घायल होने की भी खबरें सामने आई थीं। पुलिस का कहना था कि यह साफ़ नहीं है कि सभी घायलों को लगी गोलियां पुलिस की फायरिंग से लगी थीं या नहीं।
32 हजार शिक्षक पदों की उठी मांग
आरजेडी के इस प्रदर्शन में छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए गए। पार्टी ने मांग की कि TRE-4 के तहत 32,000 शिक्षक पदों पर जल्द भर्ती की जाए। राज्य में डोमिसाइल नीति लागू की जाए। पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सिवान SP का हुआ तबादला
यह प्रदर्शन तब हुआ है जब बिहार सरकार ने हाल ही में 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इसी फेरबदल में सिवान के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का भी तबादला किया गया। हालांकि, सरकार ने इस तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।आरजेडी का आरोप है कि राज्य सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी का कहना है कि पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। वहीं, इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और सिवान की घटना की जांच जारी है।