loader

कोरोना टीका बढ़ाने के लिए केजरीवाल ने केंद्र को दिए चार सुझाव

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में 18 साल से ऊपर के लोगों को कोरोना टीका देना शनिवार से बंद करने का एलान कर दिया। 

उन्होंने कहा है कि इसकी वजह टीके की कमी है। उन्होंने इसके साथ ही कोरोना टीके की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को चार सुझाव भी दे दिए हैं। 

ख़ास ख़बरें

अरविंद केजरीवाल के सुझाव

  • अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार वैक्सीन बनाने वाली सभी कंपनियों को बुलाकर भारत बायोटेक की वैक्सीन बनाने का आदेश दे।
  • उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना टीका बनाने वाली सभी विदेशी कंपनियों को भारत में कोरोना वैक्सीन बनाने का लाइसेंस दे और उन्हें इसके उत्पादन की अनुमति दे।
  • अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ख़ुद सीधे कंपनियों से कोरोना टीका खरीदे और राज्यों को दे, इससे ये कंपनियाँ भारत को गंभीरता से लेंगी।
  • उन्होंने यह सुझाव भी दिया है कि भारत ने कई देशों को कोरोना टीका दिया है, उनके पास ये खुराकें अभी बची हुई हैं और उन्होंने वह स्टॉक जमा कर रखा है। भारत उनसे ये टीके वापस माँगे। 

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भारत में अब तक 18.92 करोड़ लोगों को टीके की एक खुराक और इसमें से 4.14 करोड़ लोगों को दोनों खुराक दी जा चुकी है।
इससे यह साफ है कि भारत के सिर्फ 2.95 प्रतिशत लोगों का ही टीकाकरण किया जा सका है। 

टीका नहीं, बढ़ रहा है संक्रमण

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ये सुझाव ऐसे समय दिए हैं जब राजधानी ही नहीं, देश के कई राज्यों और केद्र -शासित क्षेत्रों में टीके की खुराक की कमी की वजह से टीकाकरण बंद कर दिया गया है। लेकिन दूसरी ओर, एक दिन में संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़े हैं और यह आँकड़ा ढाई लाख से ज़्यादा हो गया। 

इसके अलावा मौतें भी 4 हज़ार से ज़्यादा हुईं। बीते 24 घंटों में संक्रमण के 2,57,299 मामले सामने आए और 4,194 लोगों की मौत हुई। बीते 24 घंटों में ठीक होने वालों की संख्या 3,57,630 रही। 

केंद्र सरकार ने कहा है कि बीते दिन एक बार फिर रिकॉर्ड टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग का यह आंकड़ा 20.66 लाख रहा। देश में एक्टिव मामलों का आंकड़ा 30 लाख से नीचे आ गया है और यह 29,23,400 है। 

कोरोना से कैसे लड़ रही हैं राज्य सरकारें? क्या है सच और क्या है झूठ? देखें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का यह वीडियो।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

दिल्ली से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें