loader

जहांगीरपुरी में बुलडोजर: बीजेपी, केजरीवाल पर बरसे ओवैसी

दिल्ली के जहांगीरपुरी में उत्तरी एमसीडी की ओर से बुलडोजर के जरिए अतिक्रमण हटाने के मामले में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोल दिया है।

ओवैसी ने मंगलवार रात को किए गए ट्वीट में कहा कि बीजेपी ने गरीबों के खिलाफ जंग छेड़ दी है।

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में घरों को उजाड़ने का काम किया जाएगा। 

ताज़ा ख़बरें

जबकि इससे पहले ना किसी तरह का नोटिस और ना अदालत जाने का कोई मौका दिया गया और ऐसा करके ग़रीब मुसलमानों को सजा दी जा रही है। 

उन्होंने उत्तरी एमसीडी की ओर से दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र की कॉपी को ट्वीट किया है। साथ ही अरविंद केजरीवाल को भी टैग कर उनसे कहा है कि वह अपनी संदिग्ध भूमिका को स्पष्ट करें। 

 Asaduddin Owaisi in Jahangirpuri Violence - Satya Hindi

ओवैसी ने पूछा है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार में पीडब्ल्यूडी यानी कि लोक निर्माण विभाग क्या इस अतिक्रमण को ध्वस्त करने के अभियान का हिस्सा है? क्या जहांगीरपुरी के लोगों ने उन्हें इस तरह की कायरता और धोखेबाजी के लिए वोट दिया था। 

केजरीवाल कई मौकों पर कहते रहे हैं कि दिल्ली में पुलिस उनके नियंत्रण में नहीं है। ओवैसी ने इसी बात को लिखते हुए कहा है कि केजरीवाल का यह जुमला अब यहां काम नहीं करेगा और यहां अब नैतिकता का दिखावा भी नहीं चलेगा। 

पुलिस तैनात 

उधर, जहांगीरपुरी में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। क्योंकि बीजेपी शासित उत्तरी एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने के लिए 400 पुलिसकर्मियों को तैनात करने की मांग की थी।दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार को उत्तरी एमसीडी के मेयर को पत्र लिखकर अवैध निर्माणों को चिन्हित करने और उन्हें गिराने की मांग की थी।

दिल्ली से और खबरें
बताना होगा कि बीते सप्ताह जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर निकले जुलूस के दौरान दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे और इसके बाद हिंसा हुई थी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस मामले में उपद्रवियों की धरपकड़ कर रही है और पांच आरोपियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई भी की गई है।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

दिल्ली से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें