इस अध्यादेश को संसद के दोनों सदनों में पारित कराना होगा। राज्यसभा में बीजेपी के पास संख्या बल कम है, जहां विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर एकजुट हो सकती हैं।
दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा- मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सर्वसम्मत फैसले के खिलाफ गई है। अदालत ने निर्देश दिया था कि चुनी हुई सरकार को लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुसार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की शक्ति दी जाए। लेकिन केंद्र का अध्यादेश मोदी सरकार की हार का नमूना है। इस अध्यादेश को लाने का केंद्र का एकमात्र मकसद केजरीवाल सरकार से शक्तियां छीनना है।