दिल्ली के नवनियुक्त सीपी के निर्देश पर दिल्ली हिंसा की जाँच को दो भागों में बाँटा गया था। पहला भाग घटनाओं की जाँच को लेकर था। इस मामले को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच देख रही है। इसका दूसरा भाग हिंसा की साज़िश का था जिसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जाँच कर रही है।
पुलिस को शक है कि अब्दुल अहीम ने फ़ैसल को साधन मुहैया कराए थे। हालाँकि तब्लीग़ी के वकील ने इसे ग़लत क़रार दिया है।
चार्जशीट 70 पेजों की है। चार्जशीट के मुताबिक़, इस मामले में क़रीब 50 लोग गवाह हैं। मुख्य आरोपी शहनवाज व उसके साथी सलमान और सोनू सैफी समेत 12 लोग आरोपी हैं। दिलबर नेगी की पीट-पीट कर हत्या करने के बाद उसे पेट्रोल डालकर जला दिया गया था।