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लाल क़िला हिंसा: मोस्ट वांटेड मनिंदर सिंह दिल्ली से गिरफ़्तार

26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा और लाल क़िले पर निशान साहिब फहराने के मामले के मुख्य अभियुक्त मनिंदर सिंह उर्फ मोनी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को दिल्ली के पीतमपुरा से गिरफ़्तार कर लिया है। 

मनिंदर सिंह को लाल क़िले से तलवार लहराते देखा गया था। मनिंदर सिंह इस मामले में मोस्ट वांटेड था और पुलिस ने उसके दिल्ली के स्वरूप नगर स्थित घर से दो तलवारें भी बरामद की हैं। 

इंडिया टुडे के मुताबिक़, पूछताछ के दौरान मनिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह पिछले दो महीने से लगातार सिंघु बॉर्डर जा रहा था और किसान नेताओं के भाषणों से प्रभावित था। मनिंदर सिंह ने कहा कि उसने 5 और लोगों को 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली में जाने के लिए प्रेरित किया था और रैली में जाने से पहले दो तलवारें अपने पास रख ली थीं। 

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मनिंदर के मुताबिक़, वह पांच अन्य लोगों के साथ लाल क़िले में घुसा और तलवारें लहराईं। मनिंदर द्वारा तलवारें लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और उसके मोबाइल फ़ोन से भी यह वीडियो मिला है। 

कुछ दिन पहले पुलिस ने लाल क़िला हिंसा मामले के मुख्य अभियुक्त दीप सिद्धू और इक़बाल सिंह को भी गिरफ़्तार कर लिया था। दीप सिद्धू को हरियाणा के करनाल से जबकि इक़बाल सिंह को पंजाब के होशियारपुर से गिरफ़्तार किया गया था। 

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने कुछ दिन पहले सिद्धू और इक़बाल को घटनास्थल पर लाकर उनसे यह जानने की कोशिश की कि लाल क़िले पर निशान साहिब को फहराए जाने की घटना को किस तरह अंजाम दिया गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने सीन रीक्रिएट कर कई सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश की। 

पुलिस ने सिद्धू पर एक लाख रुपये जबकि इक़बाल सिंह पर 50 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किया था। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर मुक़दमा दर्ज किए जाने के बाद से ही ये दोनों फरार चल रहे थे। 

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क्राइम ब्रांच की टीम सिद्धू और इक़बाल सिंह से पूछताछ में जुटी हुई है। सिद्धू से पूछताछ में कई अहम बातों का पता चला है। दीप सिद्धू ने पुलिस को बताया है कि वह इसलिए छुपा हुआ था क्योंकि उसकी जान को ख़तरा था। सिद्धू ने कहा कि वह इस बात से डरा हुआ था कि उसकी हत्या कर दी जाएगी क्योंकि किसान नेताओं ने गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा का पूरा दोष उसके मत्थे मढ़ दिया था। 

पुलिस के मुताबिक़ दीप सिद्धू ने बताया, “लाल क़िले और आईटीओ की ओर ट्रैक्टर मार्च जाने की घटना अचानक नहीं हुई थी। इस रैली से 15 दिन पहले पंजाब और सिंघु बॉर्डर में आंदोलन कर रहे किसान नेता कह रहे थे कि वे नई दिल्ली, संसद, इंडिया गेट और लाल क़िले तक ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।” दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह सिद्धू के द्वारा कही गई बातें कितनी सच हैं, इसकी जांच करेगी।

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