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केंद्र की है रोहिंग्याओं को दिल्ली में बसाने की साजिश: सिसोदिया 

रोहिंग्याओं को दिल्ली में बसाने के मामले में आम आदमी पार्टी और बीजेपी एक-दूसरे पर लगातार वार कर रहे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि रोहिंग्याओं को दिल्ली में बसाने की साजिश केंद्र सरकार की है।

इस मामले में बुधवार को विवाद तब शुरू हुआ था जब केंद्रीय शहरी आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि केंद्र सरकार की योजना दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में रह रहे 1100 रोहिंग्याओं को दिल्ली के ही बक्करवाला इलाके में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में बसाने की है। 

उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि रोहिंग्याओं को सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी और इनकी सुरक्षा का इंतजाम भी दिल्ली पुलिस करेगी। लेकिन थोड़ी देर बाद ही विश्व हिंदू परिषद ने रोहिंग्याओं को फ्लैट में बसाए जाने वाले मंत्री के ट्वीट पर आपत्ति जताई थी और कहा कि पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी दिल्ली के मजनूं का टीला इलाके में अमानवीय हालात में रह रहे हैं। 

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विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा था कि भारत सरकार इस मुद्दे पर पुनर्विचार करे और रोहिंग्याओं को फ्लैट देने के बजाय उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था करे। 

'दिल्ली सरकार को नहीं था पता'

इस पर विवाद बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने बुधवार को भी अपना स्टैंड मीडिया के सामने रखा था। गुरूवार को मनीष सिसोदिया सामने आए और उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को इस बारे में जानकारी नहीं थी कि दिल्ली में रह रहे रोहिंग्याओं को फ्लैट दिए जाने की योजना है। 

उन्होंने कहा कि इस बारे में न तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पता था और न ही उन्हें, जबकि उनके पास दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय का प्रभार भी है। सिसोदिया ने कहा कि जब उन्होंने इस बारे में दिल्ली सरकार के अफसरों से पूछताछ की तो कुछ बैठकें होने और इसमें कुछ फैसले लिए जाने की जानकारी सामने आई। बैठकों में केंद्र सरकार के अफसर भी शामिल हुए थे। 

 Manish sisodia on Rohingya Refugees issue  - Satya Hindi

उन्होंने कहा कि इन बैठकों के बारे में जानकारी मांगे जाने पर यह पता चला कि बैठक में लिए गए फैसलों पर अमल कराने के लिए फाइलों को सीधे मुख्य सचिव के जरिए दिल्ली के उपराज्यपाल के पास भेजा जा रहा है। 

सिसोदिया ने कहा कि सवाल यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के गृहमंत्री से छिपाकर यह साजिश क्यों की जा रही थी। 

उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी का स्टैंड साफ करते हुए कहा कि रोहिंग्याओं के किसी भी तरह के अवैध प्रवास को दिल्ली सरकार दिल्ली की सुरक्षा और देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानती है तो ऐसे में उनको फ्लैट देने की किसी भी योजना का कोई सवाल उठता नहीं उठता।

सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय कह रहा है कि वह रोहिंग्याओं को ईडब्ल्यूएस फ्लैट नहीं दे रहा है तो ऐसे में आखिर यह फ्लैट देने का काम कौन कर रहा था। उन्होंने सवाल पूछा कि इस पूरे काम को दिल्ली सरकार से छुपाकर आखिर क्यों किया गया।

शाह को लिखी चिट्ठी 

सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है और उनसे अनुरोध किया है कि वह इस मामले में केंद्र सरकार का पूरा पक्ष देश के सामने रखें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भी अगर ऐसा मानती है कि दिल्ली में रोहिंग्याओं को नहीं बसाना है तो केंद्र सरकार के रुख के खिलाफ जाकर इस मामले में फैसले आखिर कौन ले रहा था और कौन इस बारे में आदेश दे रहा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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‘रोहिंग्याओं को मिल रहा संरक्षण’

इस मामले में दिल्ली बीजेपी ने भी गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को आम आदमी पार्टी और उनके नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी रोहिंग्याओं को चिन्हित करने की है लेकिन दिल्ली सरकार उनके वोट बनवा रही है, उनके बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिला रही है। 

गृह मंत्रालय ने दिया था बयान 

बुधवार को इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि केंद्र सरकार ने बक्करवाला में रोहिंग्याओं को ईडब्ल्यूएस फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। मंत्रालय ने कहा था कि अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को कानून के अनुसार उनके निर्वासन तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा और गृह मंत्रालय विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के साथ उनके निर्वासन का मामला उठा चुका है। 

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स्वामी ने किया था विरोध

विश्व हिंदू परिषद के विरोध के बाद बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा था। स्वामी ने एक ट्वीट कर कहा था कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को फौरन बर्खास्त किया जाए। स्वामी का कहना है कि रोहिंग्याओं को फ्लैट देना राष्ट्रविरोधी कार्य है। बीजेपी के हिन्दुत्व को इससे नुकसान पहुंचा है।

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