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असम सीएम की पत्नी की कंपनी के घोटाले पर बीजेपी चुप क्यों: सिसोदिया

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीजेपी शासित असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। केंद्रीय एजेंसी ईडी द्वारा दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किए जाने के कुछ दिनों बाद उनका यह आरोप आया है। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी की कंपनी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर चुप क्यों है। सिसोदिया ने शनिवार को आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी पत्नी से जुड़ी एक कंपनी को कोविड पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट यानी पीपीई किट का ठेका दिया और उसके लिए काफी अधिक भुगतान किया। इन आरोपों पर सरमा ने आपराधिक मानहानि का मुक़दमा करने की चेतावनी दी है।

बहरहाल, सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर भ्रष्टाचार के आरोप तब लगाए जब इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि मनीष सिसोदिया एक बीजेपी नेता के बारे में कुछ बड़ा खुलासा करेंगे। इसी के बाद सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की।

मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी, रिंकी भुइयां सरमा, कोरोना महामारी के दौरान एक कथित पीपीई-किट आपूर्ति घोटाले में शामिल थीं।

सिसोदिया ने दावा किया, 'हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी पत्नी की कंपनी को ठेका दिया। उन्होंने पीपीई किट के लिए 990 रुपये का भुगतान किया, जबकि अन्य को उसी दिन एक अन्य कंपनी से 600 रुपये में खरीदा गया था। यह एक बहुत बड़ा अपराध है।' सिसोदिया ने दावा किया कि यह साबित करने के लिए दस्तावेज हैं।

मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा, 'इस तरह से ठेका देना अपराध है, जबकि कंपनी ने पीपीई किट की आपूर्ति नहीं की।' उन्होंने पूछा, 'इतना ही नहीं, अगला ठेका 1680 रुपये में दिया गया। क्या बीजेपी बता सकती है कि यह भ्रष्टाचार है या नहीं? बीजेपी इस भ्रष्टाचार पर चुप क्यों है?' 

इसकी प्रतिक्रिया में हिमंत बिस्व सरमा ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है, 'ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे भीषण महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट थी। मेरी पत्नी ने आगे आने और जीवन बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 किट मुफ्त दान करने का साहस किया। उन्होंने एक पैसा भी नहीं लिया।'

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'जबकि आप मिस्टर मनीष सिसोदिया ने उस समय बिल्कुल अलग पक्ष दिखाया था। आपने दिल्ली में फंसे असमिया लोगों की मदद के लिए मेरे कई कॉल्स को ठुकरा दिया। मैं एक उदाहरण कभी नहीं भूल सकता जब मुझे दिल्ली के मुर्दाघर से एक असमिया कोविड पीड़ित का शव लेने के लिए 7 दिन तक इंतज़ार करना पड़ा था।'

सरमा ने आगे कहा कि उपदेश देना बंद करें और मैं जल्द ही आपको गुवाहाटी में मिलूंगा क्योंकि आप आपराधिक मानहानि का सामना करेंगे।

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इससे पहले आज अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर ट्वीट किया था और सवाल किया था कि नेता 'भ्रष्ट' कैसे हो गए, जब वह 'आरोपी' भी नहीं थे।

केजरीवाल ने कहा, "केंद्र सरकार ने खुद अदालत में कहा कि सत्येंद्र जैन 'आरोपी' नहीं हैं। जब कोई आरोपी नहीं है तो आप भ्रष्ट कैसे हो गए? मनीष सिसोदिया जी आज बीजेपी के एक बड़े नेता का खुलासा करेंगे। वह देश को बताएंगे कि असली भ्रष्टाचार क्या है और भ्रष्ट कौन हैं।"
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