पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट में उस समय तनाव फैल गया जब एमसीडी ने अदालत के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास कथित अतिक्रमणों को ध्वस्त किया। इस दौरान पथराव हुआ। एफआईआर के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इलाके में तनाव है।
पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट में गिराया गया कथित अवैध निर्माण
पुरानी दिल्ली क्षेत्र में तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद (जिसे मस्जिद सैयद इलाही भी कहा जाता है) से सटे कथित अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) की कार्रवाई के दौरान बुधवार तड़के पत्थरबाजी हुई। इस घटना में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। दिल्ली पुलिस ने अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें दंगा करना, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी में बाधा पहुंचाना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सार्वजनिक सेवकों को चोट पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस ने वीडियो फुटेज और बॉडीकैम की मदद से 5 से 10 लोगों को हिरासत में लिया है।
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के 12 नवंबर 2025 के आदेश पर की गई, जिसमें रामलीला मैदान के पास 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण को तीन महीने में हटाने का निर्देश दिया गया था। एमसीडी ने 22 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर मस्जिद के 0.195 एकड़ से अधिक के निर्माणों को अवैध घोषित किया था, क्योंकि मस्जिद प्रबंधन समिति या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने स्वामित्व के दस्तावेज नहीं दिखाए। कार्रवाई रात करीब 1:30 बजे शुरू हुई, जिसमें 17 से 30 बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। ध्वस्त किए गए निर्माणों में बारात घर, डिस्पेंसरी और कुछ दुकानें शामिल थीं। मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसने अभियान के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी घटनास्थल पर मौजूद थे और उन्होंने कथित तौर पर भीड़ को उकसाया था। पुलिस ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने में कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान आदिल कासिम, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद आरिब, उजैफ, अजीम और इरफान के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि एक अन्य आरोपी अदनान ने समीर के साथ मिलकर कथित तौर पर वीडियो और ऑडियो संदेश बनाए और प्रसारित किए, जो व्हाट्सएप पर वायरल हो गए।
पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। दस से अधिक कंपनियां दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनात की गईं। क्षेत्र को नौ जोन में बांटा गया था। अमन कमेटी और स्थानीय लोगों से बैठकें भी हुईं। सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी कर गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। डीसीपी (सेंट्रल) निधिन वल्सन ने भी पुष्टि की कि घायल पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने एमसीडी के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मंगलवार (6 जनवरी) को हाईकोर्ट ने एमसीडी, दिल्ली वक्फ बोर्ड और अन्य से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। लेकिन एमसीडी ने उसका इंतजार नहीं किया और 6 जनवरी की देर रात कार्रवाई शुरू कर दी। एमसीडी को आशंका थी कि हाईकोर्ट स्टे ऑर्डर दे सकता है।
पुलिस का दावा है कि बुधवार सुबह तक इलाके में स्थिति सामान्य हो गई है और सुरक्षा व्यवस्था बरकरार है। हालांकि इलाके में तनाव है। सोशल मीडिया पर बुलडोजर कार्रवाई, आंसू गैस और पत्थरबाजी के वीडियो वायरल हुए हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान कर रही है।
सेव इंडिया फाउंडेशन ने अदालत में याचिका दायर इन कथित अतिक्रमणों को हटाने की मांग की थी। अतिक्रमण जब गिराया जा रहा था तो सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से अधिवक्ता उमेश चंद्र शर्मा उपस्थित थे। दावा किया गया कि अक्टूबर 2025 में अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था, जिसमें यह दर्ज किया गया था कि भूमि पर अतिक्रमण है, जिसके कुछ हिस्से एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और एल एंड डी ओ सहित अधिकारियों के स्वामित्व में हैं।
नोटिस के बाद, एमसीडी के अधिकारियों ने 4 जनवरी को अतिक्रमण वाले क्षेत्र को चिह्नित करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। एमसीडी के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए, मस्जिद सैयद इलाही प्रबंध समिति ने कहा कि विवादित संपत्ति का उपयोग वे स्वयं कर रहे हैं और वक्फ बोर्ड को किराया दे रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि यह भूमि अधिसूचित वक्फ संपत्ति है जो वक्फ अधिनियम द्वारा शासित है और इसलिए, इससे संबंधित सभी विवादों पर वक्फ न्यायाधिकरण का क्षेत्राधिकार है।
ट्रैफिक संबंधी चेतावनी जारी
विध्वंस अभियान के दौरान भारी रुकावट की आशंका को देखते हुए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यातायात संबंधी चेतावनी जारी की है, जिसमें कई प्रमुख सड़कों पर जाम की आशंका जताई गई है। रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में दिन भर ट्रैफिक प्रभावित रहने की संभावना है। कुछ हिस्से ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। कमला मार्केट गोलचक्कर से हमदर्द बिल्डिंग के पास आसफ अली रोड तक का रास्ता बंद रहेगा।
एडवाइजरी के अनुसार, इस कार्य के चलते जेएलएन मार्ग, अजमेरी गेट और मिंटो रोड पर ट्रैफिक जाम होने की संभावना है। विध्वंस कार्य पूरा होने तक दिल्ली गेट, बीएसजेड मार्ग और एनएस मार्ग पर भी भारी ट्रैफिक रहने की आशंका है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही इन मार्गों का उपयोग करें और वैकल्पिक सड़कों का इस्तेमाल करें।