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हार्दिक अगर कांग्रेस में आए तो क्या बीजेपी को मिलेगी चुनौती

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। ख़बरों के मुताबिक़, हार्दिक गुजरात की जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की मौजूदगी में हार्दिक कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। 
गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और कांग्रेस यहाँ पूरी ताक़त लगा रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने बीजेपी को यहाँ कड़ी टक्कर दी थी। हार्दिक लंबे समय से अपनी सभाओं में बीजेपी के ख़िलाफ़ हमला बोलते रहे हैं। 
2019 के चुनाव में युवाओं व किसानों की समस्याओं पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति के तहत हार्दिक पटेल कई प्रदेशों का दौरा कर चुके हैं।

बहुत तेज़ी से बढ़ी लोकप्रियता

हार्दिक के बारे में कहा जाता है कि जितनी तेज़ी से उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, शायद ही किसी नेता ने इतने कम समय में इतनी लोकप्रियता हासिल की हो। पाटीदार समुदाय के युवाओं का मानना है कि हार्दिक पटेल ने पढ़े-लिखे पाटीदार युवाओं के बेहतर जीवन के लिए आवाज़ उठाई है। यही वजह है कि उन्हें समुदाय के लोगों का साथ मिला। 

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कौन हैं हार्दिक पटेल 

26 वर्षीय हार्दिक पटेल ग्रेजुएट हैं और उनके पिता बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे हैं। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल ने केवल 22 साल की उम्र में पाटीदार समाज के लिए आरक्षण की माँग को लेकर चल रहे आंदोलन का नेतृत्व अपने हाथ में ले लिया था। तब उनकी एक आवाज़ पर लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। हार्दिक की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ से गुजरात सरकार डर गई थी और उन पर कई मुक़दमे लगा दिए थे। पूरे गुजरात में हार्दिक पटेल के लाखों समर्थक हैं।

गुजरात में मज़बूत है पटेल समुदाय 

गुजरात की राजनीति में पाटीदारों का काफ़ी वर्चस्व है। गुजरात की कुल जनसंख्या में क़रीब 15 फीसदी आबादी पाटीदारों की है। पाटीदारों को गुजरात का सबसे संपन्न और मजबूत वर्ग माना जाता है। हार्दिक कहते रहे हैं कि सभी पाटीदार संपन्न नहीं हैं और कुछ बेहद ग़रीब भी हैं। इसलिए उनके समुदाय को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। 

कांग्रेस को मिला था फायदा

गुजरात में हुए पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हार्दिक पटेल ने पाटीदारों से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की थी। इस वजह से कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी चुनौती दी थी। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए गुजरात की 182 में से 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 115 सीटों पर जीत मिली थी जबकि 2017 में वह 99 सीटों पर आकर रुक गई थी। 

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माना जा रहा है कि हार्दिक के कांग्रेस में शामिल होने से कांग्रेस बीजेपी के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य की सभी 26 सीटों पर जीत मिली थी।  
बीजेपी को उसके गढ़ में घेरने की रणनीति के तहत ही कांग्रेस हार्दिक को पार्टी में शामिल करने पर विचार कर रही है। इससे पहले ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को भी कांग्रेस ने अपनी पार्टी में शामिल किया था।

जामनगर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बीजेपी की पूनमबेन मादाम हैं। मादाम पाटीदार समाज से ताल्लुक नहीं रखती हैं। इस सीट पर पाटीदार समुदाय के वोटर भी अच्छी संख्या में हैं। यही कारण है कि हार्दिक इस सीट पर दावेदारी कर रहे हैं। बता दें कि कुछ समय पहले हार्दिक पटेल ने एलान किया था कि वह आगामी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। 

लंबे समय तक किया संघर्ष

हार्दिक ने पटेल आरक्षण के लिए बहुत संघर्ष किया है। इस कारण उन्हें राजद्रोह के आरोप में लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा और छह महीने गुजरात से बाहर भी रहना पड़ा। गुजरात के कई थानों में उन पर केस दर्ज हैं। आरक्षण व किसानों की कर्जमाफ़ी की माँग को लेकर हार्दिक पटेल ने कई दिन तक अनशन भी किया था। 

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