हरियाणा के किसानों को रोकती पुलिस का फाइल फोटो
हरियाणा सरकार ने हाल ही में ऐसे पुलिस अफसरों को मेडल से नवाजने का फैसला किया, जिन पर आंदोलनकारी किसानों को पीटने, उनका रास्ता रोकने का आरोप है। हरियाणा सरकार का यह फैसला उसकी किसान विरोधी नजरिए को पूरी तरह सामने लाया है। क्या हरियाणा के किसान इस फैसले की गहराई समझ पाएंगे।
इसी साल फरवरी में किसानों का आंदोलन फिर से शुरू हुआ था और पंजाब के किसानों के जत्थे दिल्ली चलो के अपने अभियान के तहत दिल्ली के लिए हरियाणा से हो कर जा रहे थे जिनको हरियाणा की सीमाओं पर ही रोक दिया गया। सुरक्षाबलों व पुलिस द्वारा किसानों पर की गयी बर्बरता एवं निरंकुशता को पूरे देश ने देखा है।
अगस्त 2023 में नूंह में हुई साम्प्रदायिक हिंसा को रोकने की विफलता में भी पुलिस प्रशासन पर सवाल उठे थे। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने 2014 में हिसार के बरवाला में रामपाल के सतलोक आश्रम के अनुयायी और पुलिस के बीच हुई हिंसा को कवर कर रहे पत्रकारों पर हरियाणा पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने और उनके सामान को क्षतिग्रत करने पर पुलिस महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करने को निर्देशित किया था।