भारतीय शूटिंग जगत को एक बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर नाबालिग खिलाड़ी के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 साल की एक नाबालिग महिला शूटर ने यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद में एफ़आईआर दर्ज की है और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया यानी एनआरएआई ने अंकुश को जाँच पूरी होने तक सभी ड्यूटी से निलंबित कर दिया है।
आरोपों के मुताबिक़, यह घटना पिछले महीने 16 दिसंबर को हुई जब दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में एक राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता चल रही थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि कोच अंकुश ने उसके प्रदर्शन पर चर्चा करने के बहाने उन्हें फरीदाबाद के एक पांच सितारा होटल में बुलाया और वहाँ कमरे में ले जाकर यौन शोषण किया।
अंकुश भारद्वाज कौन हैं?
अंकुश भारद्वाज एक जाने-माने शूटर रहे हैं। साल 2008 में राष्ट्रमंडल युवा खेलों में उन्होंने 50 मीटर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन साल 2010 में डोपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उन्हें बैन कर दिया था। उन्होंने कहा था कि सिरदर्द की दवा ली थी और उन्हें नहीं पता था कि उसमें प्रतिबंधित दवा है। साल 2012 में कमबैक करने के बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते।
अभी अंकुश मोहाली में रहते हैं और साल्वो शूटिंग रेंज चलाते हैं। वे एनआरएआई द्वारा नियुक्त 13 राष्ट्रीय पिस्टल कोचों में से एक हैं। उनकी पत्नी अंजुम मौदगिल दो बार की ओलंपियन शूटर हैं।अंकुश ने बहाने से होटल बुलाया
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, उसके माता-पिता नोएडा में रहते हैं और वह चंडीगढ़ में पढ़ाई करती हैं। वह साल 2017 से शूटिंग ट्रेनिंग ले रही हैं और पिछले साल से अंकुश भारद्वाज के अंदर ट्रेनिंग शुरू की थी। वह अलग-अलग शहरों में प्रतियोगिताओं के लिए जाती रहती हैं।16 दिसंबर को दिल्ली में मैच खत्म होने के बाद अंकुश ने उन्हें फोन करके रेंज पर रुकने को कहा, ताकि प्रदर्शन पर बात करें। फिर दूसरी कॉल पर फरीदाबाद के पांच सितारा होटल में बुलाया।
कोच ने एक कमरे में बुलाया। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि कमरे में वह कुर्सी पर बैठी थी। अंकुश ने कहा कि वह उसकी पीठ दबा देंगे। उसने मना किया, लेकिन कोच ने जबरदस्ती की और यौन शोषण किया। जब वह विरोध करने लगी और धक्का दिया, तो कोच ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसका करियर बर्बाद कर देंगे। इसके बाद कोच ने उसे घर छोड़ दिया।
पीड़िता ने शिकायत में कहा, 'मैं बहुत डर गई थी और किसी को कुछ नहीं बताया। अंकुश सर ने मेरे माता-पिता से शिकायत की कि मैं उनकी बात नहीं मानती। मां ने डांटा, तो मैं रात भर सो नहीं पाई। जब मां ने तनाव का कारण पूछा, तो मैंने सब बता दिया और वे मुझे पुलिस स्टेशन ले गईं।'
क़ानूनी कार्रवाई और निलंबन
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पोक्सो एक्ट की धारा 6 यानी गंभीर यौन शोषण और भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। एनआरएआई के सचिव जनरल पवन सिंह ने कहा कि मीडिया से पता चला और जाँच तक अंकुश को सभी ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें कोई नया काम नहीं दिया जाएगा।
पीड़िता के परिवार का बयान
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के माता-पिता ने बयान में कहा कि इस घटना ने उन्हें बहुत आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा, 'हमारी बेटी को काउंसलिंग की सलाह दी गई है और हम अभी उसकी सेहत पर फोकस कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि कोई और ऐसा दर्द झेले। अंकुश की पोजीशन ऐसी है कि शायद दूसरों के साथ भी ऐसा किया हो। उम्मीद है जांच में सब सामने आएगा।' वे बोले, 'हम हरियाणा पुलिस पर भरोसा करते हैं कि वे ईमानदारी से जांच करेंगे। पंजाब की पुलिस भी सहयोग करे, जहां अंकुश रहते और काम करते हैं। अभी हम इतना ही कहना चाहते हैं और प्राइवेसी की मांग करते हैं।'