loader
चीन के एक अस्पताल में भीड़।फोटो साभार/ट्विटर/@DrEricDing

क्या भारत में भी चीन के निमोनिया का ख़तरा, जानें केंद्र की सलाह

केंद्र ने राज्यों से अस्पतालों को चुस्त-दुरुस्त रखने को कहा है। इसने कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, अस्पताल की तैयारियों के उपायों की तुरंत समीक्षा की जाए। केंद्र का यह निर्देश तब आया है जब चीन में रहस्यमयी निमोनिया फैल रहा है। वहाँ के अस्पताल निमोनिया से पीड़ित हजारों बच्चों से भर गए हैं।

इसके साथ ही केंद्र ने यह भी कहा है कि वह पड़ोसी देश में स्थिति पर नज़र रख रहा है और इस बात पर जोर दिया कि फ़िलहाल किसी भी तरह की चिंता की कोई बात नहीं है। इसके बावजूद केंद्र ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार रखने को कहा गया है।

ताज़ा ख़बरें

स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियाँ और केंद्र की यह चिट्ठी कितनी अहम है, इसका अंदाजा चीन में हालात को देखकर ही लगाया जा सकता है। रहस्यमय निमोनिया की चपेट में बीजिंग और लियाओनिंग प्रांत के स्कूल ज़्यादा हैं। इन दोनों शहरों में अस्पताल भारी तादाद में बीमार बच्चों से भरे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि छात्र और टीचर दोनों बीमार पड़ गए हैं। 

प्रभावित बच्चों में दिखाई देने वाले लक्षणों में तेज बुखार और फेफड़ों में सूजन है। यह उसी तरह है जब कोई व्यक्ति फ्लू से पीड़ित होता है और सांस लेने में तकलीफ होती है। हालाँकि, ऐसे मरीजों में खाँसी की शिकायतें नहीं हैं। इस बीमारी की शुरुआत स्पष्ट नहीं है। अभी इसकी चपेट में वयस्क नहीं आए हैं, लेकिन बच्चों के बीच तेजी से फैलने की वजह से इसके बढ़ने की आशंका ज्यादा लग रही है।

मेडिकल प्रोफेशनल्स के बीच अटकलें हैं कि यह माइकोप्लाज्मा निमोनिया (एक सामान्य बैक्टीरिया इन्फेक्शन जो आम तौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है) हो सकता है। यह आम तौर पर हल्के इन्फेक्शन की वजह बनता है लेकिन बाद में अधिक गंभीर स्थिति पैदा कर देता है। 
स्वास्थ्य से और ख़बरें

बहारहाल, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार उस पत्र में राज्यों को अस्पताल के बिस्तर, इन्फ्लूएंजा के लिए दवाएँ और टीके, चिकित्सा ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, परीक्षण किट जैसे चिकित्सा बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने के लिए उपाय करने का निर्देश दिया गया है। 

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस साल की शुरुआत में साझा किए गए 'कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति दिशानिर्देश को लागू करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि एकीकृत रोग निगरानी परियोजना की जिला और राज्य निगरानी इकाइयों द्वारा विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में इन्फ्लूएँजा और साँस से जुड़ी बीमारियों के रुझानों की बारीकी से निगरानी की जानी चाहिए।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

स्वास्थ्य से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें