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कर्नाटक के बाद गोवा बना कांग्रेस के लिए सिरदर्द, पार्टी टूटी

कांग्रेस के लिए कर्नाटक के बाद अब नई मुसीबत गोवा से सामने आई है। गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने बुधवार को पार्टी छोड़ दी और वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं। गोवा में अभी बीजेपी की ही सरकार है। कांग्रेस के इन 10 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाक़ात की और उन्हें इस संबंध में एक पत्र सौंपा था। विधायकों में विपक्ष के नेता चन्द्रकांत कावलेकर भी शामिल हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी कहा कि सभी 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। अब कांग्रेस के पास गोवा में महज 5 विधायक रह गए हैं। बता दें कि कांग्रेस पहले से ही कर्नाटक में राजनीतिक संकट से जूझ रही है। 
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जिन कांग्रेसी विधायकों ने पार्टी छोड़ी है उनमें बाबू कावलेकर, बाबुश मोनसेराट, उनकी पत्नी जेनिफर मोनसेरेट, टोनी फर्नांडिस, फ्रांसिस सिल्वेरा, फिलीप नेरी रोड्रिग्स, क्लैफासियो, विलफ्रेड सा, नीलकांत हलंकर और इसिडोर फर्नांडीस शामिल हैं। चंद्रकांत कावलेकर ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा, 'हम 10 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए हैं, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं। मैं विपक्ष का नेता था लेकिन इसके बाद भी मेरे इलाक़े में विकास कार्य नहीं हो रहे थे। सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के बाद भी हम सरकार नहीं बना सके।'
गोवा के डिप्टी स्पीकर माइकल लोबो ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा, 'कांग्रेस के 10 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। अब कांग्रेस के दो-तिहाई विधायक अब बीजेपी का हिस्सा हैं। इन विधायकों का नेतृत्व बाबू कावलेकर (चंद्रकांत कावलेकर) कर रहे थे।'
गोवा में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 15 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन वह बहुमत से दूर रही थी। बीजेपी ने 14 सीटों पर कब्जा जमाया था और अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बना ली थी। 

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