केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ पीएम आवास की ओर बढ़ रहे AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को पुलिस ने रोका। नेताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू किया।
आप का पीएम आवास मार्च रोकने पर केजरीवाल और सिसोदिया धरने पर बैठ गए
केंद्र सरकार की 20 प्रतिशत एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20 Petrol Policy) नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आयोजित विरोध मार्च को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री निवास से काफी पहले रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आप नेताओं ने सड़क पर ही बैठकर धरना शुरू कर दिया। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने ई20 पेट्रोल के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है। इसका विवरण इस रिपोर्ट के अंत में है।
आम आदमी पार्टी ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ एक व्यापक ऑनलाइन अभियान चलाया था, जिसमें पार्टी का दावा है कि 2 लाख से अधिक नागरिकों ने नीति के खिलाफ याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकर्ताओं के साथ इस याचिका (Petition) को सौंपने के लिए 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था और एहतियाती कदमों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने मार्च को प्रधानमंत्री आवास से पहले ही भारी बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, अनुराग ढांडा सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापारिक दबाव में आकर अमेरिका से एथेनॉल का आयात कर रही है और इसे भारतीय उपभोक्ताओं पर जबरन थोप रही है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से देश के लगभग 30 करोड़ वाहनों के इंजन खराब होने का जोखिम है, जिससे वाहन मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
AAP की 3 प्रमुख माँगें
उपभोक्ताओं को विकल्प मिले: वाहन चालकों को यह चुनने की आजादी हो कि वे साधारण (नॉर्मल) पेट्रोल इस्तेमाल करना चाहते हैं या E20 पेट्रोल।
कीमत में कटौती: यदि E20 ईंधन की बिक्री जारी रखनी है, तो इसे साधारण पेट्रोल की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
पेट्रोल दर घटाने की माँग: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की घटती कीमतों के मद्देनजर देश में पेट्रोल की दरें घटाकर 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जाएं।मोदी सरकार का स्पष्टीकरण
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (EBP Programme) का बचाव करते हुए आरोपों को खारिज किया है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचने पर यदि एथेनॉल ब्लेंडिंग लागू न होती, तो दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹125 प्रति लीटर तक जा सकता था। 20% स्वदेशी एथेनॉल मिश्रण के कारण उपभोक्ताओं को पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर के भाव पर मिला, जिससे प्रति लीटर लगभग ₹30 की बचत हुई। मंत्रालय के अनुसार एथेनॉल मिश्रण भारत की 'ऊर्जा बीमा' (Energy Insurance) नीति है, जो देश की विदेशी मुद्रा बचाती है और घरेलू किसानों व अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है।भाजपा का पलटवार
BJP ने आप के इस विरोध मार्च को राजनीतिक स्टंट करार दिया है। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि यह प्रदर्शन अपनी "विफल हो चुकी राजनीति को पुनर्जीवित करने का प्रयास" है। भाजपा का कहना है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी जनता का ध्यान अपनी नाकामियों और कानूनी मामलों से भटकाने के लिए ऐसे विरोध प्रदर्शन का सहारा ले रही है।पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पास
आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार ने पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार की अनिवार्य 20 प्रतिशत एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel Blending) नीति के खिलाफ एक संकल्प (Proposal/Resolution) पेश कर उसे मंगलवार 4 अगस्त को पास किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सत्तारूढ़ आप सरकार ने इस नीति को उपभोक्ताओं, वाहन स्वामियों और राज्यों के आर्थिक अधिकारों पर आघात करार दिया।
पंजाब सरकार के प्रस्ताव की मुख्य बातें
- अनिवार्यता का विरोध: विधानसभा में पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण को अनिवार्य (Mandatory) बनाने के बजाय इसे ऐच्छिक (Voluntary) किया जाए।
- उपभोक्ताओं को मिले विकल्प: प्रस्ताव में कहा गया कि ईंधन स्टेशनों पर साधारण (नॉर्मल) पेट्रोल और E20 पेट्रोल, दोनों विकल्प उपलब्ध होने चाहिए ताकि वाहन चालक अपनी इच्छा और गाड़ी के इंजन के हिसाब से ईंधन चुन सकें।
- वाहनों के नुकसान पर चिंता: सरकार ने दलील दी कि देश में करोड़ों पुराने वाहन (Non-E20 Compliant Vehicles) सड़कों पर हैं। E20 ईंधन के निरंतर इस्तेमाल से इंजनों में खराबी, जंग और प्रदर्शन में गिरावट की गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है।
- कीमतों में कटौती की मांग: आप सरकार ने मांग रखी कि एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की उत्पादन लागत कम होने के कारण इसकी बिक्री साधारण पेट्रोल की तुलना में सस्ती दरों पर की जानी चाहिए।
सदन में बहस के दौरान विपक्षी दलों ने किसानों और एथेनॉल उत्पादकों के हितों का हवाला देते हुए नीति के पहलुओं पर चर्चा की, हालांकि आम आदमी पार्टी ने अपने भारी बहुमत के बल पर इस प्रस्ताव को पारित करवा लिया।