कॉकरोच जनता पार्टी ने अब चेताया है कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो पूरे देश में प्रोटेस्ट होगा। मंच से चेतावनी देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने शाम 5 बजे तक इस्तीफ़ा नहीं दिया तो सीजेपी पूरे हफ़्ते भारत के अलग-अलग शहरों में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी और अगले शनिवार को जंतर-मंतर पर वापस आएगा।

उन्होंने सीजेपी का एक्स अकाउंट हटाए जाने का ज़िक्र करते हुए इसे 'आंदोलन' को खत्म करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, 'इस देश के युवाओं और छात्रों ने अभी तक खुद को बेचा नहीं है। आंदोलन को दबाने की कोशिशें की गई हैं। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें मिटा नहीं सकते।' उन्होंने भारतीय राजनीति के पिछले दशक की बात की। उन्होंने कहा, 'पिछले 10-12 सालों से हम हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में उलझे हुए हैं। क्या इससे किसी को नौकरी मिली? इन सबसे किसे फ़ायदा हुआ? मैं इस मकसद के लिए अपनी आज़ादी कुर्बान करने को तैयार हूँ।'

इस बीच, पुलिस ने बताया कि आयोजकों ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन को खत्म करने का फ़ैसला किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाना और इलाक़े को खाली कराना शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी वहां से चले गए।

'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' के नारे लगे

प्रदर्शन के दौरान 'शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के नारे लगाए गए। दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को 'एक रिक्वेस्ट या अपील' कहा। शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग के संदर्भ में वांगचुक ने वहां मौजूद लोगों से कहा, 'इस्तीफे से ज़्यादा, मैं चाहता हूं कि सरकार ज़िम्मेदारी ले।'

प्रदर्शन का विरोध करने वाले हिरासत में

इस बीच दिल्ली पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, जो कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर के परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जय श्री राम के नारे भी लगाए गए। इन प्रदर्शनकारियों को 'दिल्ली पुलिस लाठी चलाओ, हम तुम्हारे साथ हैं' के नारे लगाते हुए सुना गया। उन्होंने यह भी कहा, 'अगर कोई देश के खिलाफ साजिश करता है, तो हम वापस आएंगे। ईंट का जवाब पत्थर से देंगे...।'

इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके लोगों को जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रदर्शन की इजाजत दे दी। दीपके शनिवार सुबह ही अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में आ गई थी और हज़ारों पुलिसकर्मियों को नई दिल्ली जिले में तैनात किया गया। इसके अलावा पुलिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घरों के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
ताज़ा ख़बरें

हालाँकि, सीजेपी ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है, लेकिन दिल्ली पुलिस पूरी एहतियात बरत रही है। इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।


अभिजीत दीपके पिछले महीने ही इंस्टाग्राम और एक्स पर CJP पेज शुरू करके चर्चा में आए थे। कुछ ही दिनों में ये पेज बहुत लोकप्रिय हो गए। दीपके एयरपोर्ट के बाद संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। उनके साथ लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत अन्य साथी भी होंगे।

दिल्ली पुलिस की तैयारियाँ कैसी थीं

प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले में करीब 2000 जवानों को तैनात करने का फैसला किया था। द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है कि प्रदर्शनकारियों से कोई टकराव न हो। उन्हें शांत रहने के लिए समझाने और मनाने का काम करना है। पूरे इलाके को 12 जोनों में बांटा गया।  पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले के अलावा अन्य जिलों से भी भारी संख्या में जवान बुलाए। रिपोर्ट के अनुसार 20 कंपनियां अतिरिक्त फोर्स तैयार रखी गई। नयी दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने शुक्रवार शाम पुलिस मुख्यालय में मीटिंग की और तैयारियों की समीक्षा की थी।
संविधान के अनुच्छेद 19 में शांतिपूर्ण सभा करने का अधिकार दिया गया है। लेकिन व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक व्यवस्था और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए पुलिस से अनुमति यानी एनओसी लेना ज़रूरी होता है। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आवेदन आमतौर पर 7 दिन पहले करना पड़ता है। अगर अनुमति नहीं दी जाती है तो पुलिस को कारण बताना होता है।

प्रदर्शनकारियों के लिए की थी अपील

सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने शुक्रवार शाम को प्रदर्शन में आने वालों के लिए 'Do’s and Don’ts” जारी किए थे-
  • तिरंगा और किताब जरूर साथ लाएं।
  • पुलिसकर्मियों को फूल दें।
  • ट्रोल्स या उकसाने वालों से बात न करें।
  • धूप में कैप और सनस्क्रीन लगाएं
  • पानी पीते रहें।
  • कुछ खाकर ही आएं।
  • मिस्क्रिएंट्स की सूचना पुलिस को दें
उन्होंने सभी से अपील की कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे। उन्होंने शुक्रवार को कहा, 'कल हम देश की शिक्षा व्यवस्था को रीसेट करने जा रहे हैं। अपनी आवाज को अब नजरअंदाज नहीं होने देंगे।' रांका ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधा आग्रह किया कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटा दें। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री जी, आपका शिक्षा मंत्री नाकाबिल है। उनके कारण पूरा शिक्षा सिस्टम बर्बाद हो चुका है।'

क्यों हो रहा प्रदर्शन?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हाल ही में नीट यूजी पेपर लीक और सीबीएसई कक्षा 12 की ओएसएम सिस्टम वाली गड़बड़ियों के कारण काफी आलोचना झेल रहे हैं। छात्र और अभ्यर्थी इन मुद्दों पर नाराज हैं। वे इन मुद्दों पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं।
रिपोर्ट है कि दिल्ली के अलावा पंजाब, अन्य राज्यों के छात्र, विभिन्न छात्र संगठन, कोचिंग सेंटर वाले लोग, शिक्षक और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस को भी ऐसा लगता है कि ये बड़ी संख्या में पहुँच सकते हैं। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का भी प्रदर्शन में शामिल होना तय है। उन्होंने पार्टी का समर्थन किया है।

हाईकोर्ट का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सेव इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में सीजेपी के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की गई थी और इसे बांग्लादेश, श्रीलंका जैसी घटनाओं से जोड़ा गया था।