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सर्वदलीय बैठक: कांग्रेस ने उठाया चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का मुद्दा

कांग्रेस ने मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। बताना होगा कि 7 दिसंबर से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है और उससे पहले सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ ही राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी भी शामिल रहे। 

संसद का शीतकालीन सत्र 29 दिसंबर तक चलेगा। 

द हिंदू के मुताबिक, कांग्रेस ने सरकार से कहा कि बिना किसी उचित परामर्श के चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के पीछे क्या वजह है, इस बारे में बताया जाए। बताना होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बीते दिनों चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए थे। 

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केंद्र सरकार ने अरुण गोयल को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया था। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह प्रकाश की गति से किया गया काम है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह पद मई से खाली था लेकिन सरकार ने इतने महीने तक पद खाली रहने के बाद अचानक ही 24 घंटे में इस पर नियुक्ति कर दी। 

सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुए सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कहा था कि अरुण गोयल एक सरकारी महकमे में सचिव थे। जिस दिन उन्होंने अपने पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली, 24 घंटे के भीतर उन्हें चुनाव आयुक्त मनोनीत कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि यह सब इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया। 

पीटीआई के मुताबिक, केंद्र सरकार की योजना शीत सत्र के दौरान 16 विधेयक पेश करने की है। महंगाई, बेरोजगारी और चीन-भारत सीमा पर हालात को भी विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक के दौरान उठाया और संसद में चर्चा की मांग की।

द हिंदू के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से ईडब्ल्यूएस आरक्षण और बेरोजगारी के मुद्दे को भी उठाया गया। कांग्रेस की ओर से लोकसभा में संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में व्हिप नसीर हुसैन सर्वदलीय बैठक में मौजूद रहे। 

तृणमूल कांग्रेस की ओर से लोकसभा में सदन के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और राज्यसभा में सदन के नेता डेरेक ओ ब्रायन मौजूद रहे। दोनों ही नेताओं ने राज्यों के लंबित बकाया के मुद्दे को उठाया। द हिंदू के मुताबिक, डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आर्थिक नाकेबंदी के जरिए राज्यों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। वह केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा योजना के तहत दिए जाने वाले 7000 करोड़ रुपए के फंड को रोके जाने के संदर्भ में बात कर रहे थे। 

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G-20 को लेकर बुलाई बैठक 

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को जी-20 देशों की अध्यक्षता मिलने के मौके पर भी एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, डी. राजा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सहित तमाम नेता मौजूद रहे। केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की G-20 प्राथमिकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। 

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