loader

अमित शाह ने कहा - कोविड वैक्सीनेशन खत्म होने के बाद सीएए लागू करेंगे

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर सीएए का मुद्दा छेड़ दिया है। शाह ने मंगलवार को कहा कि सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) कोविड वैक्सीनेशन अभियान पूरा होने के बाद लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सीएए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता साफ करता है। इसमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने यह आश्वासन पश्चिम बंगाल बीजेपी और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को दिया। अधिकारी ने शाह से मंगलवार को संसद भवन में मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कामकाज के साथ-साथ संगठन के मुद्दों को उठाया। बैठक के बाद बीजेपी नेता ने कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें अवगत कराया है कि जब कोविड वैक्सीनेशन की तीसरी खुराक का काम पूरा हो जाएगा तो केंद्र सरकार सीएए को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। सीएए का क्रियान्वयन लंबे समय से लंबित है।

ताजा ख़बरें
सरकार ने अप्रैल में कोविड की तीसरी खुराक का एहतियाती वैक्सीनेशन शुरू किया है और इसके नौ महीने में पूरा होने की उम्मीद है।

सीएए 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किया गया था और अगले दिन अधिसूचित किया गया था। केंद्र सरकार ने अभी तक अधिनियम के लिए नियम नहीं बनाए हैं, हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों सहित विभिन्न क्षेत्रों से इसकी मुखर मांग की गई है। शाह ने कई बार कहा है कि विपक्षी दलों के जोरदार विरोध के बावजूद सीएए को लागू किया जाएगा।

सीएए विरोधियों का कहना है कि मोदी सरकार इस कानून के जरिए देश के मुस्लिम समुदाय को नागरिकता से वंचित करने की साजिश रच रही है। सीएए के विरोध में देश में 2020 में शाहीनबाग आंदोलन चला था, जिसका नेतृत्व मुस्लिम महिलाओं ने देशभर में किया था। उनके अलावा तमाम नागरिक संगठन, देश की तमाम यूनिवर्सिटीज के छात्र-छात्राएं भी इसमें शामिल हुए थे। कई छात्र नेता उस समय दर्ज मुकदमों में आज भी जेलों में हैं। बीच में कोरोना आने की वजह से इस आंदोलन को स्थगित कर दिया गया और उस समय से केंद्र सरकार भी चुप है।
देश से और खबरें
बहरहाल, मंगलवार को शाह से मुलाकात करने वाले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ बीजेपी की चल रही राजनीतिक लड़ाई से संबंधित अन्य मुद्दों को भी उठाया। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने 100 टीएमसी नेताओं की सूची दी है जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें