ख़ान ने कहा, ‘जब से बांग्लादेश बना है, भारत हमारे साथ खड़ा रहा है। भारत के साथ हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं और वह हमारा दोस्त है। लेकिन जहाँ तक एनआरसी का सवाल है, मुझे नहीं लगता कि भारत सरकार किसी को जबरन बांग्लादेश भेजेगी।’
यहाँ बताना ज़रूरी होगा कि 1971 के आसपास पाकिस्तान की सेना के अत्याचारों से त्रस्त होकर तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश के नागरिक भारी संख्या में असम आ गए थे। इसके बाद बांग्लादेश का गठन हुआ था।