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क्या बीजेपी कार्यकर्ताओं ने तोड़ी विद्यासागर की मूर्ति?

बंगाल में महान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने को लेकर बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने हैं। लेकिन अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, बवाल के दौरान वायरल हो रहे एक वीडियो में भगवा कपड़े पहने कुछ युवा विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ रहे हैं। भगवा पगड़ी पहना हुआ एक दूसरा युवा भी इन युवाओं के साथ दिख रहा है। दूसरे वीडियो में एक दूसरा समूह कैंपस के अंदर से ही पत्थरबाज़ी कर रहा है। इन सभी ने भगवा कपड़े और भगवा पगड़ी पहनी हुई है। ख़बर के मुताबिक़, वीडियो में यह भी दिख रहा है कि इन सभी ने बीजेपी के झंडे हाथों में लिए हुए हैं।
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कोलकाता पुलिस इन दोनों वीडियो की जाँच कर रही है। बता दें कि 14 मई की रात को कोलकाता में हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल छात्र परिषद और बीजेपी के कार्यकर्ताओं में जमकर बवाल हुआ था और इस दौरान ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ दिया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस ने इस बवाल के बाद पुलिस अधिकारियों, घटना के चश्मदीद रहे लोगों और विरोधी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बातचीत में पता चला कि ये सभी लोग जानते थे कि रोड शो के दौरान हंगामा हो सकता है। यह भी पता चला कि तृणमूल की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद ने रोड शो के रूट के दौरान प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी और बीजेपी भी ऐसी किसी घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार थी।

ख़बर के मुताबिक़, पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि इस मामले में गिरफ़्तार किए गए सभी 58 लोग बीजेपी के कार्यकर्ता हैं।
बता दें कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से लोगों को लाकर कोलकाता में हिंसा कराई है। ख़बर के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए लोग कोलकाता से बाहर के इलाक़ों जैसे हुगली, बुर्दवान, नॉर्थ 24 परगना और तीतागढ़ आदि इलाक़ों के हैं।
एक सीनियर पुलिस अफ़सर ने अख़बार को बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया से वीडियो फ़ुटेज मिली हैं। इनमें बाहरी लोगों को विद्यासागर कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर तोड़फोड़ करते और विद्यासागर की मूर्ति को खंडित करते हुए देखा जा सकता है।
विद्यासागर कॉलेज के हॉस्टल के केयरटेकर एस.आर. मोहंती ने अख़बार से कहा कि उन्हें रोड शो के कॉलेज पहुँचने से 15 मिनट पहले (शाम 6.30 बजे) कॉलेज के गेट को बंद करने के लिए कहा गया था। मोहंती ने अख़बार से कहा, ‘लेकिन 50-60 लोग जो बीजेपी के रोड शो में थे, उन्होंने गेट को धक्का देना शुरू कर दिया और गेट को ज़बरदस्ती खोलने की कोशिश की। वे लोग कॉलेज के अंदर बोतलें फेंक रहे थे। तब मैं हॉस्टल की ऊपरी मंजिल की ओर भागा और तभी कुछ लोग पिछले गेट से बाहर निकले और महिला कॉलेज की ओर भागे। उसी समय पुलिस वहाँ पहुँच गई लेकिन तब तक वे लोग फ़र्नीचर तोड़ चुके थे और विद्यासागर की मूर्ति को भी तोड़ चुके थे।’
पत्रकारिता की एक छात्र, जो उस समय कैंपस से निकलने ही वाली थी, उसने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘मैं बवाल के बाद दूसरी मंजिल में जाकर छुप गई। मैंने कुछ लोगों को जय श्री राम के नारे लगाते हुए और फ़र्नीचर को तोड़ते हुए देखा। मैं अपने दो दोस्तों के साथ सीढ़ियों की ओर भागी और बाद में कुछ और छात्रों ने हमें बचाया। तब तक पुलिस हंगामा कर रहे लोगों को तितर-बितर कर चुकी थी।’
तृणमूल छात्र परिषद के सदस्य और कॉलेज छात्र संघ के उपाध्यक्ष शुभम मंडल ने कहा कि बवाल करने वालों ने पूरे कॉलेज को तबाह कर दिया। वे लोग ऊपरी मंजिलों पर गए, उन्होंने कंप्यूटर और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
इस पूरे बवाल पर बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने कहा है कि उनकी पार्टी के पास फ़ोटोग्राफ़्स हैं, जिससे वह यह साबित कर सकते हैं कि इस बवाल के लिए कौन ज़िम्मेदार है। रॉय ने कहा, ‘रैली पहले से ही निर्धारित थी और हमारे पास इसकी अनुमति भी थी तो तृणमूल छात्र परिषद के लोगों को हंगामा करने की अनुमति किसने दी। हम सभी विद्यासागर का सम्मान करते हैं।’
बीजेपी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राज्य यूनिट के सचिव सप्तर्षि सरकार ने कहा है कि हम इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हैं। जिसने भी विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी है, उसे सज़ा दी जानी चाहिए और राज्य सरकार को बेहतर इंतजाम न होने की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेनी चाहिए।
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बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘तृणमूल छात्र परिषद के लोगों ने हमारे ऊपर हॉस्टल की छत से पत्थर फेंके। हमें भी चोट आई है। हमें बिना किसी कारण के हॉस्टल में घुसने से क्यों रोका गया।’ इस इलाक़े में ज्वैलरी की दुकान चलाने वाले अरविंद सिंह ने अख़बार से कहा, ‘बवाल लगभग एक घंटे तक चला। बीजेपी के कार्यकर्ताओं की संख्या तृणमूल के कार्यकर्ताओं की संख्या से बहुत ज़्यादा थी। और वहाँ पुलिस भी नहीं था। कॉलेज के अंदर से लोगों ने पत्थर फेंके और इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता ज़बरदस्ती कैंपस के अंदर घुस गए और सब कुछ तहस-नहस कर दिया।’
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इंडियन एक्सप्रेस के पास एक और वीडियो क्लिप है जिसमें कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राजेश सिंह यह कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘कल के रोड शो में झमेला, झंझट हो सकता है, कल आपको झमेला ख़रीद के भी (मुसीबत मोल लेकर भी) करना है तो करना है, मगर आप लोगों को आना है, आठ फ़ुट का डंडा लेके आना है और हमें पुलिस और तृणमूल के गुंडों से लड़ना है।’
बंगाल में हुए इस सियासी बवाल के बाद राज्य की सियासत गर्मा गयी है। कहा जा रहा है कि बीजेपी राज्य में ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है। लेकिन ममता बनर्जी ने पूरा जोर लगा दिया है और वह बीजेपी नेताओं को राज्य में सियासी घुसपैठ नहीं करने दे रही हैं।
अब तक हुए लोकसभा चुनाव के सभी चरणों में बंगाल से हिंसा की ख़बर आई है। चुनाव आयोग ने कड़ा क़दम उठाते हुए बुधवार को चुनाव प्रचार में 1 दिन की कटौती कर दी थी। चुनाव आयोग ने एडीजी (सीआईडी) और राज्य के प्रधान सचिव (गृह) को भी हटा दिया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फ़ैसले को भेदभावपूर्ण क़रार दिया था। उन्होंने आयोग की तीख़ी आलोचना करते हुए कहा था कि यह फ़ैसला भारतीय जनता पार्टी को फ़ायदा पहुँचाने के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दबाव में लिया गया है। उन्होंने कहा था कि मोदी ने विद्यासागर की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ करवा कर पूरे पश्चिम बंगाल का अपमान किया है। 
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