loader
भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक से अब तेलंगाना की तरफ बढ़ चली है

भारत जोड़ो यात्राः तेलंगाना की ओर बढ़ चली

भारत जोड़ो यात्रा रविवार 23 अक्टूबर को 46वें दिन रायचूर के यरमारस से फिर शुरू हुई। यह कर्नाटक में अंतिम पड़ाव था। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह यात्रा अब तेलंगाना की तरफ बढ़ चली है। इसने रविवार को तेलंगाना के महबूबनगर जिले में प्रवेश किया। गुडेबल्लूर वो जगह है, जहां राहुल गांधी ने पहला कदम रखा। यात्रा रविवार को यहीं रुकेगी।
तेलंगाना में अपनी यात्रा के दौरान राहुल गांधी नांदेड़ जिले के रास्ते महाराष्ट्र में प्रवेश करने से पहले, 376 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 16 दिनों के लिए मकथल, नारायणपेट, कोडंगल, पारगी, विकाराबाद, सदाशिवपेट, शंकरमपेट और मदुर से चलेंगे। मकथल में पुल के दोनों किनारों पर लगे कांग्रेस के झंडे राहुल और बाकी यात्रियों का इंतजार कर रहे हैं।
ताजा ख़बरें
यात्रा के अंतिम दिन कर्नाटक में जब राहुल विदा ले रहे थे तो शनिवार को जनता का सैलाब देखा गया। राहुल के एक तरफ डीके शिवकुमार, दूसरी तरफ सिद्धरमैया और पीछे नारा लगाती विशालकाय भीड़ ने अजब ही नजारा पेश किया। इन क्षणों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
कर्नाटक में बीजेपी की सरकार है। सत्तारूढ़ पार्टी के राज्य में भारत जोड़ो यात्रा को जिस तरह जबरदस्त कामयाबी मिली है, उससे बीजेपी काफी चिन्ता में है। हालांकि भारत जोड़ो यात्रा को मुख्यधारा का मीडिया कवरेज नहीं दे रहा है, लेकिन यात्रा की लोकप्रियता का जादू सोशल मीडिया पर बोल रहा है।

राहुल गांधी ने 7 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू की थी। यात्रा ने 30 सितंबर को कर्नाटक में प्रवेश किया था। राहुल गांधी का कहना है कि उनकी भारत जोड़ो यात्रा भारत में नफरत के माहौल को बदलने के लिए है। यह सभी धर्मों, समुदायों को जोड़ने के लिए है। जिन्हें भारत की धर्मनिरपेक्षता में यकीन है, यह यात्रा उनके लिए है। अभी तक पूरी यात्रा के दौरान कई स्थानों पर राहुल गांधी ने आरएसएस का नाम लेकर उस पर सीधा हमला बोला है। राहुल ने आरएसएस और बीजेपी को देश में बने नफरत के माहौल के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें