दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन ने मरक़जी सरकार और बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
सरकार को भी किसानों की ताक़त और इरादों का अंदाज़ा हो चुका है क्योंकि सड़कें खोदने से लेकर, रास्तों को ब्लॉक करने की उसने हज़ार कोशिशें कर लीं लेकिन वह किसानों को दिल्ली पहुंचने से नहीं रोक सकी।
किसानों को खालिस्तानी, देशद्रोही बताने पर भी आम लोग भड़क गए हैं। उन्होंने कहा है कि बीजेपी नेताओं को किसानों की आलोचना का हक़ है लेकिन मोदी की हुक़ूमत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर उन्हें खालिस्तानी बता देना अन्नदाता का घोर अपमान है।