बीजेपी नेता और एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। विकास गर्ग बीजेपी के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर गर्ग के पुत्र हैं। इन्हें ईडी ने महादेव बेटिंग ऐप मामले में गिरफ्तार किया है। बीजेपी ने विकास गर्ग से फौरन दूरी बना ली है।
बीजेपी आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक विकास गर्ग अब ईडी के फंदे में
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बीजेपी के आर्थिक प्रकोष्ठ (Economic Cell) के राष्ट्रीय संयोजक और एबिक्स (Ebix) के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को देर रात की गई।
विकास गर्ग दिल्ली के त्रि नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। ईडी की टीम ने उन्हें दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद ईडी उन्हें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ले जा रही है, जहां आज (15 जुलाई 2026) उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की विशेष अदालत में पेश किया गया।
940.77 करोड़ की संपत्ति पहले ही हो चुकी है कुर्क
विकास गर्ग की गिरफ्तारी से पहले, ईडी ने 18 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों से जुड़ी करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। कुर्क की गई संपत्तियों में दिल्ली, नैनीताल, गोवा और अन्य स्थानों पर स्थित 12 प्रमुख अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार, अवैध सट्टेबाजी (Mahadev Online Book / Skyexchange) से कमाए गए काले धन को इन्हीं संपत्तियों और शेयरों के जरिए वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) की कोशिश की गई थी।जांच में चौंकाने वाले खुलासे
अधिकारियों के अनुसार, गर्ग तीन लिस्टेड कंपनियों विकास इकोटेक लिमिटेड (Vikas Ecotech Limited), विकास लाइफकेयर लिमिटेड (Vikas Lifecare Limited) और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड (Eraaya Lifespaces Limited) के प्रमोटर हैं। आरोप है कि गर्ग ने एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के जरिए 'एबिक्सकैश' (EbixCash) में 64% हिस्सेदारी खरीदी थी। जांच में सामने आया है कि इस डील के लिए इस्तेमाल किया गया पैसा महादेव ऐप की अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों के जरिए ही हासिल किया गया था।बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ विकास गर्ग के फोटो वायरल
सोशल मीडिया पर बुधवार 15 जुलाई को विकास गर्ग के फोटो वायरल हो रहे। इन फोटो में वो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर किरण रिजिजू, अनुराग शर्मा, स्पीकर ओम बिरला, मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा आदि के साथ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत, ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक और फैक्ट चेकर पत्रकार मोहम्मद ज़ुबे ने इन फोटोग्राफ को एक्स पर सार्वजनिक किया है। विकास गर्ग का एक और फोटो टीवी जर्नलिस्ट रुबिका लियाकत के साथ भी सामने आया, लेकिन सत्य हिन्दी इस फोटो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर रहा है। इसलिए उस फोटो को यहां नहीं लगाया जा रहा है।
यह खास फोटो भी वायरल
फैक्ट चेकर, पत्रकार और ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबेर ने एक खास फोटो एक्स पर विकास गर्ग का ट्वीट किया है। इस फोटो में विकास गर्ग टीवी जर्नलिस्ट रुबिका लियाकत के साथ दिख रहे हैं। फैक्टचेक ने फोटो पर टिप्पणी करते हुए एक्स पर लिखा है- गोदी एंकर @RubikaLiyaquat अपने छात्रों को 'महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप' के बारे में इसलिए नहीं सिखा रही हैं क्योंकि उनके दोस्त विकास गर्ग, जो इस गैर-कानूनी बेटिंग ऐप से जुड़े थे और बीजेपी से हैं, उन्हें गिरफ्तार किया गया था। वे दिल्ली बीजेपी के इकोनॉमिक सेल के कन्वीनर हैं। एक अन्य ट्वीट में जुबेर ने लिखा है कि एएनआई की प्रमुख स्मिता प्रकाश जैसे पत्रकार क्यों नहीं इस खबर के बारे में जनता को बता रहे हैं, क्योंकि विकास गर्ग बीजेपी से जुड़े हुए हैं।
क्या है महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाला?
महादेव ऑनलाइन बुक ऐप भारत के सबसे बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट्स में से एक है। इसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो आरोपियों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने की थी। कोरोना काल में शुरुआत: इस ऐप को कोविड-19 महामारी के दौरान लॉन्च किया गया था, जिसने बहुत जल्द ऑनलाइन जुए और पिरामिड स्कीम का एक बड़ा रूप ले लिया।
- हवाला नेटवर्क: ऐप के जरिए लाखों लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से फंसाया गया और उनसे ठगी गई रकम को हवाला चैनलों के जरिए रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर तक पहुँचाया गया।
- विभिन्न राज्यों में FIR: ईडी की यह जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज कई एफआईआर (FIR) पर आधारित है, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं।
बीजेपी ने झाड़ा पल्लाः विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद BJP ने इस मामले से पूरी तरह दूरी बना ली है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान जारी कर कहा: "यह कार्रवाई विकास गर्ग के व्यक्तिगत व्यापारिक हितों और व्यावसायिक लेन-देन के कारण हो सकती है। पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।"
पहले भी ईडी के रडार पर रहे हैं विकास गर्ग
यह पहला मौका नहीं है जब विकास गर्ग केंद्रीय एजेंसी की जांच के दायरे में आए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में, ईडी ने लगभग ₹190 करोड़ के कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। उस मामले में आरोप था कि सुपारी और अन्य सामानों के अवैध आयात के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सीमा शुल्क की चोरी की गई और माल को घरेलू बाजार में खपाया गया।अब महादेव ऐप मामले में विकास गर्ग की इस गिरफ्तारी के बाद ईडी रायपुर की विशेष अदालत से उनकी रिमांड हासिल कर सिंडिकेट के अन्य बड़े चेहरों और पैसों के लेनदेन (Money Trail) को लेकर पूछताछ आगे बढ़ाएगी।