मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच विवाद शुक्रवार को और तेज हो गया। एक तरफ निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में ज्ञानेश कुमार के प्रस्तावित दो युवा संवाद कार्यक्रम स्थगित कर दिए, वहीं दूसरी तरफ Cockroach Janta Party (CJP) ने घोषणा की है कि अगर ज्ञानेश कुमार शनिवार तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से मुंबई से देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने कई राज्यों में प्रदर्शन किया और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस विधायकों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया।

मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रम स्थगित

चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश में होने वाले दो Electoral Literacy Club (ELC 2.0) कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। पहला कार्यक्रम 25 सितंबर को मेरठ में और दूसरा 28 सितंबर को वाराणसी में होना था। मेरठ में क्षेत्रीय ELC सम्मेलन के साथ युवाओं से संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को चुनाव प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण, मतदान और ECINET से जुड़ी जानकारी दी जानी थी। वाराणसी में 28 सितंबर को Gen-Z के साथ संवाद प्रस्तावित था। 
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि इन कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया गया था और इसका मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है। अधिकारी के मुताबिक कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसके पीछे स्थल की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम तथा प्राकृतिक परिस्थितियां जैसे कारण हो सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि पहले हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में भी ELC कार्यक्रम स्थगित या पुनर्निर्धारित किए जा चुके हैं।
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कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन

CEC के खिलाफ कांग्रेस का विरोध भी शुक्रवार को कई राज्यों में दिखाई दिया। कांग्रेस ने अपने राज्य संगठनों से 25 सितंबर को प्रदर्शन करने को कहा था। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड और असम समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या हटाए जाने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े फैसलों की समीक्षा की मांग की है।

लखनऊ में राजेंद्र पाल गौतम का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लखनऊ प्रदर्शन में पूर्व दिल्ली मंत्री और कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम भी शामिल हुए। ANI की रिपोर्ट के अनुसार गौतम ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। गौतम ने प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार और आयोग के खिलाफ तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके बयान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और SIR विवाद के राजनीतिक संदर्भ में दिए गए थे।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी कांग्रेस का प्रदर्शन

इसी विवाद की गूंज जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी सुनाई दी। कांग्रेस विधायकों ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए तथा उनके इस्तीफे और हटाए जाने की मांग की। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस विधायक सदन में बैनर लेकर पहुंचे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों द्वारा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने और लोकतंत्र से जुड़े नारे लगाने का भी उल्लेख है।
एक रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठर ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा और यह भी याद दिलाया कि विधानसभा के पास चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद कांग्रेस सदस्य अपनी सीटों पर लौटे और कार्यवाही आगे बढ़ी।

SIR विवाद क्या है?

विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) भी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए या वैध मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने का खतरा पैदा हुआ। इसके साथ ही चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ाया है। आयोग का पक्ष है कि अलग-अलग विचार आंतरिक संस्थागत विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं और उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
अब विवाद के तीन प्रमुख मोर्चे दिखाई दे रहे हैं- ECI के भीतर निर्णय प्रक्रिया पर सवाल, विपक्ष का ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का दबाव और CJP का 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का अल्टीमेटम। इस बीच, उत्तर प्रदेश में ज्ञानेश कुमार के मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रमों का स्थगन भी चर्चा का विषय बन गया है। चुनाव आयोग का आधिकारिक स्पष्टीकरण है कि दोनों कार्यक्रम 21 सितंबर को ही स्थगित करने का फैसला लिया गया था और इसका SIR विवाद से संबंध नहीं है। दूसरी ओर, कार्यक्रमों के समय और मौजूदा विवाद के बीच संबंध को लेकर राजनीतिक तथा मीडिया स्तर पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
स्थिति 25 सितंबर 2026 तक: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य समूहों का विरोध जारी है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों में किसी संस्थागत संकट की बात से इनकार किया है। CJP ने 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है, यदि शनिवार तक उनकी इस्तीफे की मांग पूरी नहीं होती।