नए कानून के ज़रिए भारत के मुख्य न्यायाधीश को मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से हटा दिया गया है। उन्हें प्रधानमंत्री, एक कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता वाली समिति की सिफारिश के आधार पर नियुक्त किया जाना है।