ताज़ा घटनाक्रम

  • सरकार एक तरफ बातचीत कर रही है, दूसरी तरफ जंतर मंतर पर सख्ती बढ़ाती जा रही है
  • सीजेपी और केंद्र की बातचीत खत्म
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं
  • सीजेपी ने कहा- हमारी 3 मांगों में से सरकार सिर्फ 2 ही मानने को तैयार
  • अभिजीत दिपके ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना जंतर मंतर नहीं छोड़ेंगे
  • जंतर मंतर पर फिर बढ़ रही है भीड़
  • इंटरनेट पर रोक आज आधी रात तक और बढ़ाई गई
  • कांग्रेस ने आज सेंट्रल दिल्ली समेत देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की, अपनी जिला यूनिटों को संदेश भेजा
  • नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल, स्टेशन बंद
  • पेपर लीक रोकने के लिए मोदी कैबिनेट के फैसलों का ऐलान अभी तक नहीं

पुलिस बर्बरता मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 27 जुलाई को करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिनमें आरोप लगाया गया है कि परीक्षा के पेपर लीक होने के विरोध में जंतर-मंतर और देश भर में अन्य जगहों पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस ने ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया। यह मामला भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा से जुड़ी दो याचिकाएं दायर की गई हैं। शंकरनारायणन ने कहा कि ये याचिकाएं छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित हिंसा की घटनाओं से जुड़ी हैं और इनमें कई राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन याचिकाओं का ज़िक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतज़ार कर रहे थे। मामले की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए उन्होंने बेंच को बताया कि छात्रों के खिलाफ पुलिस की ज्यादतियों की खबरें लगातार आ रही हैं और उन्होंने तुरंत न्यायिक दखल की मांग की।
  • इन दलीलों पर ध्यान देते हुए, CJI ने याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई और निर्देश दिया कि उन्हें सोमवार को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए। CJI ने कहा, "इसे लिस्ट होने दें; हम इस पर सुनवाई करेंगे।"

RAF ने पैलेट गन चलाने की जांच शुरू की

अधिकारियों ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने दिल्ली में छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अपने जवानों पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने RAF (जो उसकी विशेष दंगा-रोधी इकाई है) के इंस्पेक्टर जनरल (IG) से कहा है कि वे प्रदर्शनकारियों को "नियंत्रित" करने के लिए अपनी अलग-अलग टीमों द्वारा की गई कार्रवाई के क्रम और उन घटनाओं की पुष्टि करें जिनमें उन पर हमले हुए थे।

सरकार ला रही एंटी पेपर लीक बिलः 10 साल की जेल 10 करोड़ का जुर्माना 

देश भर में आयोजित होने वाली प्रतिस्पर्धी और प्रवेश परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक' / एंटी-पेपर लीक विधेयक (Public Examinations Prevention of Unfair Means Bill) को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना और संगठित गिरोहों तथा अनुचित तरीकों पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
10 साल तक की जेल: पेपर लीक कराने, लीक प्रश्नपत्र बेचने या उत्तर कुंजी (answer keys) में हेरफेर करने में शामिल पाए जाने पर दोषियों को 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। यदि इसमें किसी संगठित अपराध गिरोह या रैकेट की संलिप्तता पाई जाती है, तो सजा 10 साल तक की जेल में बदली जा सकती है।
₹10 करोड़ तक का भारी जुर्माना: संगठित पेपर लीक और परीक्षा धांधली के मामलों में शामिल आरोपियों और संस्थानों पर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सर्विस प्रोवाइडर पर कार्रवाई: परीक्षा कराने वाली निजी एजेंसियों या सर्विस प्रोवाइडर्स की संलिप्तता पाए जाने पर उन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें 4 साल तक के लिए सार्वजनिक परीक्षा कराने से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
शिक्षार्थियों/परीक्षार्थियों की सुरक्षा: इस कानून में वास्तविक परीक्षार्थियों को निशाना बनाने के बजाय संगठित गिरोहों, दलालों, कोचिंग सेंटरों और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
इन परीक्षाओं को करेगा कवरः यह विधेयक केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होगा, जिनमें शामिल हैं: UPSC (संघ लोक सेवा आयोग), SSC (कर्मचारी चयन आयोग), NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी - NEET, CUET, JEE आदि), RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड) और IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)।

जंतर मंतर पर सख्ती बढ़ी, चेहरे पहचानने वाला सिस्टम लगा

जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास चार फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) यूनिट लगाई गई हैं, ताकि वॉन्टेड अपराधियों, भगोड़ों और हिस्ट्रीशीटरों की पहचान की जा सके। पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह सर्विलांस सिस्टम आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना है जिनका आपराधिक बैकग्राउंड रहा है और जो "विरोध-प्रदर्शन में घुसपैठ" करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। FRS यूनिट को विरोध-प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगाया गया है और ये सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ी हुई हैं।
सूत्रों ने बताया कि अधिकारी इस सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे वे किसी भी वॉन्टेड अपराधी, बैड कैरेक्टर या हिस्ट्रीशीटर की पहचान तुरंत वेरिफाई कर सकेंगे। पुलिस सूत्र ने कहा, "इसका मकसद यह पक्का करना है कि आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोग विरोध-प्रदर्शन का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा न करें। यह सिस्टम दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ा है और उन वॉन्टेड अपराधियों, भगोड़ों, हिस्ट्रीशीटरों और बैड कैरेक्टर्स (BCs) की पहचान कर सकता है जिनकी जानकारी पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है।" अधिकारी के मुताबिक, FRS आम प्रदर्शनकारियों को टारगेट नहीं करता, बल्कि इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना है जिनका आपराधिक बैकग्राउंड रहा है और जो बड़ी भीड़ का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

सरकार और सीजेपी अड़े, केंद्र और समय मांगा

केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच शुक्रवार को कोई समझौता नहीं हो सका।  सरकार के साथ बैठक के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, "सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवज़े (NEET एस्पिरेंट्स के परिवारों के लिए जिन्होंने आत्महत्या की) और छात्रों पर FIR और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है।" उधर, सरकार ने सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट बंद किए जाने का समय आधी रात तक कर दिया है। कांग्रेस बेहद आक्रामक मूड में नज़र आ रही है। उसने देशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। राहुल गांधी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं। 
इससे पहले खबर आई थी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि सरकार शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को Constitution Club पर बातचीत करने की उनकी मांग मान गई है। साथ ही, उन्होंने अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात दोहराई, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा भी शामिल है - जो छात्रों की मुख्य मांगों में से एक है। सौरव दास ने कहा, "बातचीत के लिए बैठक बुलाई गई है। हमें बहुत खुशी है कि सरकार हमारी इस मांग पर सहमत हो गई है कि बैठक किसी न्यूट्रल जगह पर हो। इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया को चुना गया है।"
CJP, NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रही है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कि पेपर लीक के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने वाला बिल संसद में पेश किया जाएगा, CJP ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ सरकार जो "सबसे सख़्त कार्रवाई" कर सकती है, वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना है।

सरकार के साथ बैठक शुरू होने से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने सरकार से अपनी मांगें पूरी करने का भरोसा मिलने के बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने गुरुवार (23 जुलाई, 2026) की आधी रात के आसपास गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद और सरकार का भरोसा मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की।
ताज़ा ख़बरें
सौरव दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आशुतोष और मुझे दोपहर 12.30 बजे जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से मिलने के लिए बुलाया गया है। बातचीत के पहले दौर के बाद हमने दो मांगें रखी थीं, जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता था। कल हमें कन्फर्मेशन मिला कि बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी।"

सीजेपी की जजों से अपील

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "अगर यह नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि हमें विदेशी फंडिंग मिलती है, तो सरकार सोनम वांगचुक से बातचीत क्यों कर रही है? सरकार हमारे साथ बातचीत क्यों कर रही है? हम यह भी जानते हैं कि इस आंदोलन के खिलाफ अदालतों में PIL (जनहित याचिकाएं) दायर की जा रही हैं। PIL के ज़रिए NIA जांच की मांग की गई है; हम देश के जजों से अपील करते हैं कि वे अपने आदेश को राजनीतिक कारणों से प्रभावित या हथियार के तौर पर इस्तेमाल न होने दें। हम जजों से आग्रह करते हैं कि वे इतिहास के सही पक्ष में खड़े हों और देश के उस भविष्य का साथ दें जो इतने दिनों से सड़कों पर उतरा हुआ है।"

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और एनटीए से परीक्षा सुधारों पर हलफनामा मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया कि वे NEET-UG पेपर लीक के बाद सुधारों को लागू करने में हुई प्रगति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। कोर्ट ने कहा कि वह इस प्रक्रिया पर बारीकी से नज़र रखेगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि हलफनामों में केवल कामचलाऊ उपायों पर निर्भर रहने के बजाय सुधारों को संस्थागत बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जानी चाहिए। कोर्ट ने प्रस्तावित गवर्निंग बोर्ड, विशेषज्ञों की अगुवाई वाली इकाइयों, स्टेकहोल्डर के नामांकन और हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों को 10 क्षेत्रों में लागू करने के बारे में जानकारी मांगी। 

नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन समेत 18 स्टेशन आज भी बंद

जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण सुरक्षा इंतज़ामों के चलते आज शुक्रवार को दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन बंद हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्थित मेट्रो स्टेशन को करीब 12 बजे बंद किया गया। ट्रैफ़िक पाबंदियों और मेट्रो बंद होने की वजह से सेंट्रल दिल्ली के कई स्कूलों ने अपने कामकाज के तरीके में बदलाव किया है। कुछ स्कूलों ने जूनियर क्लास के लिए हाइब्रिड लर्निंग का तरीका अपनाया, तो कुछ ने ट्रांसपोर्ट के नए इंतज़ामों के साथ क्लास फिर से शुरू कीं। जंतर-मंतर के आस-पास भारी सुरक्षा बल तैनात है और सेंट्रल दिल्ली में बैरिकेड्स लगाने के साथ-साथ ट्रैफ़िक को दूसरी तरफ़ मोड़ने और पाबंदियां लगाने का काम जारी है। पुलिस 20 जुलाई को हुई हिंसा की जांच भी कर रही है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान करना भी शामिल है।

कैब में जा रहे युवकों को हिरासत में ले रही है पुलिस

CJP की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने शुक्रवार को हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित करने में वकीलों से मदद की अपील की। ​​उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ऑटो-रिक्शा और कैब में यात्रा कर रहे युवाओं को हिरासत में ले रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने लोधी रोड और निजामुद्दीन पर चेकपॉइंट स्थापित कर विरोध स्थल की ओर जा रहे युवाओं को हिरासत में ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “लोदी रोड और निजामुद्दीन पर चेकपॉइंट स्थापित करने के बाद पुलिस ऑटो-रिक्शा और कैब से यात्रा कर रहे युवाओं को हिरासत में ले रही है। पुलिसकर्मी वकीलों के साथ भी दुर्व्यवहार कर रहे हैं।”

दिल्ली यूनिवर्सिटी की सलाह पर बिगड़े राहुल गांधी

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) द्वारा छात्रों को जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की चेतावनी देने वाली एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, "अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने पर छात्रों को धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? यह याद रखिए, समय आने पर आप ही इसके लिए जवाबदेह ठहराए जाएंगे।" दरअसल, NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच विश्वविद्यालय ने एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर छात्रों और संकाय सदस्यों को जंतर-मंतर पर "गैर-कानूनी सभाओं या प्रदर्शनों" से बचने की सलाह दी थी और कहा था कि फर्जी खबरों या भ्रामक सामग्री के झांसे में न आएं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी की उस एडवाइज़री की आलोचना की जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर से दूर रहने को कहा गया था। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों को डराने-धमकाने के लिए यूनिवर्सिटीज़ का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उच्च शिक्षा सचिव बदला

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है; उन्होंने विनीत जोशी की जगह ली है। इस बारे में सरकारी नोटिफिकेशन गुरुवार देर रात जारी किया गया। जोशी का तबादला पंचायती राज विभाग में सचिव के पद पर कर दिया गया है।