CJP ने सरकार से बातचीत ठुकराकर कल शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। पूरी दिल्ली हाई अलर्ट पर रखी गई है। जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राहुल गांधी और विपक्षी सांसद
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के सांसदों को ले जा रही बसें गांधी स्मृति पहुंच गईं। इससे पहले राहुल ने आरोप लगाया था कि उनको गांधी स्मृति नहीं जाने दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने पहले कहा था, 'हमारे देश के छात्र सड़क पर हैं, इसलिए हमें लगा कि विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। पहले हम सभी विपक्षी सांसद इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन हमें नहीं जाने दिया गया। फिर हम गांधी स्मृति जा रहे थे, लेकिन हमारी बस को रोक दिया गया है।'
राहुल ने आगे कहा है, 'छात्रों के लिए हमारा संदेश है कि हम आपके साथ हैं। पूरा विपक्ष आपके साथ है और हम उनपर किए जा रहे अत्याचार के बिल्कुल खिलाफ हैं।'
जंतर मंतरः घटनाक्रम
- जंतर मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात। अभी तक करीब 15,000 से ज्यादा जवान तैनात
-टॉलस्टॉय मार्ग पर पुलिस वालों पर बोतल फेंकने का आरोप
- आज गुरुवार शाम 6.30 बजे तक कनॉट प्लेस में सभी दुकानें बंद करने का पुलिस आदेश
-जंतर मंतर को प्रदर्शनकारियों से देर रात खाली कराया जा सकता है
-संसद में छात्रों के मुद्दे पर भारी गतिरोध बना हुआ है। लगातार चौथे दिन भी हंगामा, संसद परिसर में प्रदर्शन
-कॉकरोच जनता पार्टी ने कल शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है
-सीजेपी ने सरकार से बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। सरकार का दावा है कि वो अब तक 4 बार उन्हें बातचीत के लिए बुला चुकी है
-पीएम मोदी ने आज गुरुवार को युवकों को भरोसा दिया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर पेपर लीक करने वालों को सजा दिलाई जाएगी
-नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी की घोषणा को खारिज करते हुए कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराया जाए
-सीजेपी ने भी पीएम मोदी की घोषणा को ठुकराते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा
-विपक्षी दलों ने साफ कहा है कि बिना धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुए संसद में गतिरोध खत्म नहीं होगा
पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन अब और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। गुरुवार को पूरे इलाके को भारी सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया। संसद के भीतर और बाहर भी छात्रों के मुद्दे पर लगातार चौथे दिन राजनीतिक गतिरोध बना रहा, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत से इनकार करते हुए शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है।
जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के पूरे इलाके में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं। बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है और कनॉट प्लेस, मंडी हाउस तथा संसद मार्ग की ओर जाने वाले कई रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी देर शाम या रात में संसद मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी में हैं।पुलिस पर बोतलें फेंके जाने का आरोप
गुरुवार को टॉलस्टॉय मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर बोतलें फेंके जाने की भी सूचना है। इससे कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस घटना के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस के व्यापारियों को गुरुवार शाम 6:30 बजे से अपनी दुकानें बंद करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का मानना है कि शाम के बाद भीड़ बढ़ सकती है और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। व्यापारिक संगठनों ने भी एहतियात के तौर पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की बात कही है।जंतर-मंतर खाली कराए जाने की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि प्रदर्शनकारी निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करते हैं या भीड़ अनियंत्रित होती है तो देर रात जंतर-मंतर को खाली कराया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी के मद्देनज़र गुरुवार को कनॉट प्लेस में दुकानें बंद कराने का निर्देश दिया गया है। वाहनों को रोककर उसमें युवकों को उतारा जा रहा है।दूसरी ओर संसद का मानसून सत्र लगातार चौथे दिन भी छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
विपक्ष का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक संसद का गतिरोध समाप्त नहीं होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का भरोसा, विपक्ष ने ठुकराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को युवाओं को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की इस घोषणा को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, जवाबदेही तय किए बिना केवल नई घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा।कल सीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन
CJP ने शुक्रवार को पूरे देश में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन ने छात्रों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों से अपने-अपने राज्यों में विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां इस आह्वान को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था, संसद में जारी राजनीतिक टकराव और विपक्ष तथा CJP के आक्रामक रुख को देखते हुए आने वाले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि सरकार और विपक्ष के बीच कोई राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो संसद का गतिरोध और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन दोनों और तेज हो सकते हैं।