बीजेपी का दावा है कि 4399 दिन पूरे कर मोदी सबसे लंबे समय तक पीएम बन गए। कांग्रेस ने इसे झूठा प्रचार बताया और कहा कि नेहरू सबसे लंबे समय तक PM रहे। भाजपा 26 जनवरी 1950 से गिनती कर रही है, जबकि देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ।
नरेंद्र मोदी के 'सबसे लंबे समय तक PM रहने' के दावों को कांग्रेस ने बीजेपी का प्रोपेगेंडा बता दिया है। इसने बीजेपी के दावे को झूठा प्रचार क़रार दिया है और कहा है कि तकनीकी आधार पर नेहरू के कद को छोटा नहीं किया जा सकता है। पार्टी ने साफ़ कहा है कि भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ही रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी नेहरू के कार्यकाल को 26 जनवरी 1950 से गिनती कर रही है, जबकि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था और नेहरू तब से ही प्रधानमंत्री हैं।
कांग्रेस ने बीजेपी के उस दावे को तब 'फ़ैक्ट चेक' किया जब केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4399 दिन पूरे होने पर एक प्रस्ताव पास किया और उन्हें लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने वाला नेता बताया। कैबिनेट के सदस्यों ने खड़े होकर मोदी की तारीफ़ में तालियाँ बजाईं। रिपोर्टें तो ये भी आई हैं कि मोदी की इस 'उपलब्धि' पर बीजेपी नेता, बीजेपी के सीएम और प्रवक्ताओं तक ने मंदिर जाकर प्रार्थनाएँ कीं। बीजेपी ने दिन भर तरह-तरह के आयोजन किए। पीएम मोदी ने नई दिल्ली में एनडीए नेताओं की बैठकें लीं।
कांग्रेस ने किया बीजेपी के दावों को खारिज
बीजेपी के इन्हीं दावों के बीच कांग्रेस ने नेहरू के सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का आँकड़ा पेश किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि नेहरू के पीएम बनने को बीजेपी 26 जनवरी 1950 यानी गणतंत्र दिवस से गिनती कर रही है, जबकि भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। जयराम रमेश ने कहा, 'नेहरू 15 अगस्त 1947 को ही प्रधानमंत्री बने थे। उनके पहले 5 साल (1947-1952) में आधुनिक भारत बना। 560 से ज्यादा रियासतों को बिना लड़ाई के भारत में शामिल किया गया, संविधान बना, जमींदारी खत्म की गई, दलित-आदिवासियों के लिए आरक्षण शुरू हुआ, बड़े-बड़े सिंचाई और बिजली प्रोजेक्ट शुरू हुए और भारत दुनिया में एक ताकत के रूप में उभरा।'
उन्होंने कहा कि नेहरू के पहले कार्यकाल में भारत में 17 करोड़ मतदाताओं वाली मतदाता सूची तैयार की गई ताकि हर वयस्क को वोट का अधिकार मिले। स्वतंत्र भारत का पहला आम चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 के बीच हुआ।
रमेश ने कहा, "1947 से 1952 तक नेहरू के नेतृत्व में सरदार पटेल, डॉ. अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी और मौलाना आजाद जैसे नेताओं ने जो बेहतरीन काम किए, अब मोदी उन्हें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेहरू से उन्हें बहुत नफरत है। मोदी आज खुद को सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बताकर जश्न मना रहे हैं, लेकिन यह दावा संदिग्ध और गलत है। असल में वे भारत के लिए बोझ हैं। वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। आजादी के बाद बने लोकतांत्रिक संस्थान- स्वतंत्र चुनाव आयोग और पवित्र मतदाता सूची- अब ख़तरे में हैं।"
'मोदी को 2024 में बहुमत भी नहीं मिला'
उन्होंने आगे कहा कि 1952, 1957 और 1962 में नेहरू ने बहुत बड़ी बहुमत से जीत हासिल की थी। लेकिन मोदी 2024 में अकेले साधारण बहुमत भी नहीं ला पाए। उन्हें NDA की बैठक बुलाकर किसी तरह प्रधानमंत्री बनना पड़ा। 2024 उनका जनादेश नहीं था। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने भी जयराम रमेश की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए सहमति जताई है।बीजेपी गुमराह कर रही है: सिंघवी
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 'बीजेपी के हालिया प्रोपेगेंडा अभियान की सच्चाई की जांच की ज़रूरत है'। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ शब्दों का खेल है। भारत 1950 में नहीं, 1947 में आजाद हुआ। बीजेपी ‘लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री’ जैसे शब्द इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह कर रही है।" उन्होंने आगे कहा, 'शब्दों के खेल और हेडलाइन मैनेजमेंट के ज़रिए रिकॉर्ड बनाने के बजाय, सरकार को लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों को हल करने पर ध्यान देना चाहिए। चालाकी भरे फ़ुटनोट या पॉलिटिकल मार्केटिंग से इतिहास को फिर से नहीं लिखा जा सकता।'बीजेपी का पक्ष क्या?
केंद्रीय कैबिनेट ने कहा है कि मोदी स्वतंत्र भारत में लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने वाले पहले नेता बन गए हैं और उन्होंने नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'लोक सेवा अच्छे शासन की सबसे बड़ी परीक्षा है। जो व्यक्ति विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ लगातार काम करता है, वही जनता का विश्वास जीतता है।' उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी शेयर किया। इसपर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मोदी के 12 साल के कार्यकाल को 'स्वतंत्रता के बाद का महत्वपूर्ण दौर' बताया। कई केंद्रीय मंत्री, दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता और शिवराज सिंह चौहान ने भी बधाई दी। मलेशिया के प्रधानमंत्री आनंद इब्राहिम और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर समेत कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भी बधाई दी।
बहरहाल, कांग्रेस का कहना है कि 2024 के चुनाव में मोदी को अकेले बहुमत नहीं मिला था, फिर भी उन्होंने खुद को पीएम बनाया। जबकि नेहरू 1952, 1957 और 1962 में भारी बहुमत से जीते थे। कांग्रेस ने सरकार से अपील की है कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की बजाय देश की मौजूदा समस्याओं पर ध्यान दे।