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ओएनजीसी का बजरा डूबा, 26 की मौत, 53 लापता

मुंबई के नज़दीक समुद्र में ओएनजीसी के एक बजरे के डूब जाने से 26 लोगों की मौत हो गई है, 53 लोग अभी भी लापता हैं। इस बजरे पर 261 लोग थे और यह समुद्री तूफ़ान तौकताए की चपेट में आकर डूब गया। 

बीबीसी के अनुसार, 26 शव बरामद किए जा चुके हैं। मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है।

राहत व बचाव कार्य में गया नौसेना का युद्ध पोत 186 लोगों को लेकर मुंबई के तट पर पहुँच गया है। एक दूसरे बजरे से 35 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। 

सरकारी कंपनी तेल व प्राकृतिक गैस निगम (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन यानी ओएनजीसी) का यह बजरा था और मुंबई समुद्र तट से थोड़ी दूर समुद्र में तेल परियोजना पर काम कर रहा था। 
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बीबीसी के अनुसार, नौसेना के युद्ध पोत 'आईएनएस कोच्चि' के कमान्डिंग अफ़सर सचिन सिकेरा ने कहा, 'हम उस इलाक़े में अभी और लोगों की तलाश में हैं। हम आशावादी हैं। अब स्थिति सुधरी हुई है। उम्मीद की जाती है कि सबसे बुरा पल बीत चुका है।' 
cyclone tauktae sinks ONGC barge off mumbai2 - Satya Hindi
ओएनजीसी का ऑफ शोर ड्रिलिंग प्लैटफॉर्म
समुद्र से सुरक्षित निकाले गए एक व्यक्ति ने कहा, 'बजरा डूब रहा था, मुझे समुद्र में कूदना पड़ा। मैं समुद्र में 11 घंटे तक रहा। उसके बाद मुझे वहां से निकाल लिया गया।' 

कैप्टन सिकेरा ने कहा कि समुद्री तूफ़ान जब मुंबई से गुजर रहा था, नौसेना की टीम वहाँ पहुच गई और लोगों के बचाव व राहत काम में लग गई। 

नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा समुद्र में 20-25 फीट ऊँची लहरें उठ रही थीं और हवा की रफ़्तार बहुत ही तेज थी। 

cyclone tauktae sinks ONGC barge off mumbai2 - Satya Hindi
समुद्री तूफ़ान तौकताए का कहर
नौसेना ने यह भी कहा है कि तीन युद्ध पोतों को राहत व बचाव कार्य में भेजा गया है। उन्हें वाणिज्यिक बजरे पर काम कर रहे लोगों को वहाँ से सुरक्षित निकालने की ज़िम्मेदारी दी गई है। दो बजरे मुंबई के पास के समुद्र में हैं जबकि तीसरा बजरा गुजरात के पास समुद्र में है। 

बता दें कि महाराष्ट्र में सोमवार सुबह से ही चक्रवाती तूफ़ान का असर दिखा। एयरपोर्ट पर सुबह से ही सेवाएँ प्रभावित होने की घोषणा बार-बार की जाती रही। राज्य में भारी बारिश भी हुई। मुंबई के कई क्षेत्रों में पानी भर गया और कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। कई क्षेत्रों में बिजली के पोल गिर गए। 

इस समुद्री तूफान से मंगलवार तक महाराष्ट्र में कम से कम 6 लोगों की मौत हो चुकी थी। गुजरात में एहतियात के तौर पर सेना को बचाव कार्य के लिए लगाया गया था। इससे पहले मुंबई के एयरपोर्ट पर भी सेवाएँ प्रभावित हुई थीं।

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