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आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवज़ा, नौकरी दे सरकार: राहुल

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ हुए आंदोलन में मारे गए किसानों को मुआवजा देने की मांग लगातार उठ रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को इस मांग को लोकसभा में उठाया है। 

राहुल ने कहा कि आंदोलन के दौरान लगभग 700 किसान मारे गए हैं। प्रधानमंत्री ने देश और किसानों से माफ़ी मांगी है और स्वीकार किया है कि उनसे ग़लती हुई है। राहुल ने कहा कि संसद में कृषि मंत्री से यह सवाल पूछा गया था कि कितने किसानों की मौत हुई है तो उन्होंने कहा था कि उनके पास कोई आंकड़ा नहीं है। 

राहुल ने कहा कि हमारे पास आंकड़ा है और पंजाब की सरकार ने लगभग 400 किसानों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया है और 152 परिवारों को नौकरियां भी दी हैं। 

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केरल के वायनाड से सांसद राहुल ने कहा कि उनके पास लिस्ट है, उनके पास हरियाणा के 70 किसानों की भी लिस्ट है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका हक़ मिलना चाहिए। 

राहुल ने कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा था कि केंद्र सरकार को किसानों की मुआवज़े की मांग को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास आंदोलन में मारे गए 503 किसानों के नाम सहित पूरी जानकारी है। 

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किसानों की लंबित मांगें 

किसान कह चुके हैं कि एमएसपी पर गारंटी क़ानून और किसानों पर दर्ज मुक़दमे वापस लिए बिना आंदोलन ख़त्म नहीं होगा। किसानों की बाक़ी मांगों में बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेना, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा देना भी शामिल है। 

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क़मर वहीद नक़वी
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