प्रशांत भूषण मामले के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दे जोरों से उठा है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक 10 मामले सुप्रीम कोर्ट  में दाखिल किए गए हैं, जिनमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी याचिकाएं दायर की गई हैं। इन सभी मामलों में देखा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिन मामलों में याचिकाकर्ता को राहत दी है, उन मामलों में सरकार की ओर से पेश वकील ने भी रियायत देने या मामला खारिज करने की गुजारिश की है। लेकिन जिन मामलों में सरकारी वकील या प्रतिनिधि ने इसका विरोध किया है, उनमें किसी तरह की राहत नहीं दी गई है।