loader

हिन्दुत्व एजेंडाः बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या का विरोध, सिडनी यूनिवर्सिटी में इवेंट रद्द

हिन्दुत्व की आड़ में नफरत एजेंडा चलाने की वजह से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या का सिडनी यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। तेजस्वी इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में हैं और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तेजस्वी ने सिर्फ मुस्लिमों के खिलाफ ही नहीं बल्कि महिला विरोधी ट्वीट्स भी किए हैं। तेजस्वी सूर्या की तरह द कश्मीर फाइल्स वाले विवेक रंजन अग्निहोत्री का कार्यक्रम ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने रद्द कर दिया।
भारतीय सांसद तेजस्वी सूर्या को सोमवार को सिडनी यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करना था, लेकिन वहां छात्रों और टीचर्स ने जबरदस्त प्रदर्शन करके तेजस्वी के आने का विरोध जताया। उसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया।

ताजा ख़बरें
तेजस्वी सूर्या ऑस्ट्रेलिया-भारत युवा संवाद के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। ऑस्ट्रेलिया-भारत युवा संवाद (एआईवाईडी) की वेबसाइट के अनुसार, यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के युवाओं के बीच संवाद का एक मंच है। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया में हर दूसरे वर्ष एक सम्मेलन आयोजित करता है जिसमें दोनों देशों के चुने हुए 15 युवाओं को आमंत्रित किया जाता है। अपने-अपने क्षेत्र में ऊंचाइयों पर पहुंचे ये युवा आपस में बातचीत करते हैं और अपने विचार साझा करते हैं। 
इस साल सम्मेलन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 3 जून तक हो रहा है, जिसके लिए भारत से चुने गए 15 लोगों में बीजेपी के सबसे युवा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या भी शामिल हैं। उन्हें एआईवाईडी सम्मेलन के अलावा सोमवार को सिडनी के स्वाइनबर्न इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करना था। 
यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर कई संगठनों और अकादमिक दुनिया के लोगों ने इस दौरे का विरोध किया था। कुछ संगठनों ने यूनिवर्सिटी को विरोध का नोटिस भी भेजा था। इस नोटिस के जवाब में, यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनकारियों को ईमेल द्वारा सूचित किया कि कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। अपनी प्रतिक्रिया में, विश्वविद्यालय ने लिखा है कि यह कार्यक्रम स्वाइनबर्न यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित नहीं किया गया था, बल्कि एक अन्य निजी संस्थान, ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा केंद्र (ईसीए) द्वारा आयोजित किया गया था, जो यूनिवर्सिटी के परिसर भवन से संचालित होता है। अधिकारी ने कहा कि ईसीए अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है और कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।
अपने कट्टर हिंदुत्ववादी बयानों के लिए मशहूर बीजेपी नेता तेजस्वी सूर्या के खिलाफ उनके ऑस्ट्रेलिया पहुंचने से पहले ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। जब उनके एआईवीडी सम्मेलन में भाग लेने की जानकारी सार्वजनिक हुई, तो उनके वीजा को रद्द करने की मांग के लिए एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की गई थी। याचिका, जिसे अब तक 4,000 से अधिक लोगों का समर्थन मिल चुका है, ने कहा कि सरकारी खर्च पर एक फासीवादी सांसद को ऑस्ट्रेलिया बुलाना अस्वीकार्य है। 
ऑस्ट्रेलिया में कई संगठनों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर AIYD और उससे जुड़े संगठनों से तेजस्वी सूर्या को मंच न देने का आग्रह किया है। इस संयुक्त पत्र में ऑस्ट्रेलियाई संगठनों जैसे द ह्यूमनिज्म प्रोजेक्ट, हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स, ऑस्ट्रेलियन फेडरेशन ऑफ इस्लामिक काउंसिल्स, वी आर द मेनस्ट्रीम, साउथ एशियन ह्यूमनिस्ट एसोसिएशन, न्यूजीलैंड, यूएस और यूके के मानवाधिकार संगठन भी शामिल हुए हैं।
Hindutva Watch: BJP MP Tejashwi Surya program cancelled in Sydney University - Satya Hindi
तेजस्वी सूर्या का 2015 का यह ट्वीट एक लाख से ज्यादा बार रीट्वीट हो चुका है।
द ह्यूमनिज्म प्रोजेक्ट के डॉ. हारून कासिम ने कहा, “जैसा कि एआईवीडी की वेबसाइट से स्पष्ट है, तेजस्वी सूर्य खुद को आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में पेश करते हैं। वो भारत में दो समुदायों को एक दूसरे का दुश्मन बना रहे हैं। उनकी फिलासफी को मंच देना बुद्धिमानी नहीं होगी। 
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई लेखक और न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रोना गोंजाल्विस का कहना है कि यूनिवर्सिटीज को महिलाओं से नफरत करने वाले हिंदुत्व फासीवादियों का समर्थन नहीं करना चाहिए। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के डॉ. सुखमनी खुराना का कहना है कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में महिला विरोधी, सैन्यवादी विचारधारा को एक मंच प्रदान करना अकल्पनीय है। 
विरोध करने वाले संगठनों ने तेजस्वी सूर्या के उन बयानों का भी हवाला दिया है जिसमें वह कट्टरपंथी हिंदुत्व और इस्लाम विरोधी होने की बात करते हैं। उदाहरण के लिए, अपने ट्वीट का जिक्र करते हुए जिसमें उन्होंने अरब महिलाओं का जिक्र करते हुए लिखा था, पिछले कुछ सौ वर्षों में 95% अरब महिलाओं को कभी भी संभोग सुख नहीं मिला है! हर माँ ने बच्चों को सेक्स के रूप में पैदा किया है न कि प्यार के रूप में! इस ट्वीट का काफी विरोध हुआ और यूएई में भारत के तत्कालीन राजदूत पवन कपूर को सोशल मीडिया पर सफाई देनी पड़ी।

इसके अलावा और कई ट्वीट सामने आए जिनमें तेजस्वी ने समय-समय पर मुस्लिमों को निशाना बनाया है।

विवेक अग्निहोत्री को भी झटका

द कश्मीर फाइल्स के निर्माता निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने झटका दिया है। 31 मई को यूनिवर्सिटी में विवेक का भाषण था। विवेक ने खुद एक ट्वीट में बताया है कि ऑक्सफोर्ड ने उन पर हिन्दूत्ववादी होने का आरोप लगाकर कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। विवेक ने अपनी ट्वीट ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को हिन्दूफोबिक ऑक्सफोर्ड यूनियन कहा है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें