कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि INDIA गठबंधन के नेता तीन दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर मतदान के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रख चुके हैं। अब गठबंधन सोमवार को भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात करेगा।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी राजनीतिक विरोध के बीच विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि गठबंधन सोमवार को दिल्ली में मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा प्रदर्शन करेगा। विपक्ष इस मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से भी मुलाकात करेगा।
विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अब सुप्रीम कोर्ट का रुख
केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि INDIA गठबंधन के नेता हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर मतदान के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रख चुके हैं। अब गठबंधन सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करेगा।विपक्ष की यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूचियों में किए जा रहे बदलावों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा हुआ है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
मोदी और अमित शाह पर कांग्रेस का निशाना
कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को संरक्षण देने की कोशिश प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के राजनीतिक भविष्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्ष के प्रदर्शनों से घबराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशनों को बंद करने जैसे कदम उठा रही है।SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
वेणुगोपाल ने केरल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में सावधानीपूर्वक हस्तक्षेप किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के लेटरहेड पर भाजपा के चुनाव चिह्न कमल की मौजूदगी को लेकर उठे विवाद का भी जिक्र किया। विपक्ष इस मामले को चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े व्यापक सवालों के संदर्भ में देख रहा है।INDIA गठबंधन की मांग है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटाया जाए। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
सोमवार का प्रदर्शन क्यों अहम है?
INDIA गठबंधन का सोमवार का प्रस्तावित प्रदर्शन चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के चल रहे आंदोलन की अगली कड़ी होगा। इससे पहले विपक्षी दल राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुके हैं और चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च भी कर चुके हैं। गठबंधन अब न्यायपालिका के समक्ष अपनी चिंताएं रखने की तैयारी में है।विपक्ष का मुख्य जोर तीन मुद्दों पर है:
- मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवालों का जवाब।
- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही।
मोदी सरकार का संकट बढ़ रहा है
विपक्ष के एकजुट होकर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने से सरकार का संकट बढ़ता जा रहा है। जब से सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया कि फॉर्म 6 बदलने के लिए उसने कोई निर्देश नहीं दिया, उसी समय से लोगों का गुस्सा ज्ञानेश के लिए बढ़ रहा है। सीजेपी के आंदोलन ने इसे और धार दे दी है। हालांकि वोट चोरी का मूल मुद्दा नेता विपक्ष राहुल गांधी का है। सीजेपी ने अब रविवार को भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस तरह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला पूरे देश में बना हुआ है। जबकि मोदी सरकार का अड़ियल रुख बना हुआ है।