'इंडिया' गठबंधन के नेता और आम लोग 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालेंगे व सीजेआई सूर्यकांत को एक ज्ञापन सौंपेंगे। राहुल गांधी ने इसमें विपक्षी दलों सहित सभी गैर-राजनीतिक लोगों व संगठनों को भी शामिल होने का आह्वान किया है।
इंडिया गठबंधन के नेता। (फाइल फोटो)
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घोषणा की है कि हर भारतीय सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों, युवाओं, नागरिक संगठनों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। राहुल गांधी ने कहा है कि मार्च के दौरान CJI सूर्यकांत को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें कथित ‘वोट चोरी’ रोकने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की माँग उठाई जाएगी। सीजेआई को ज्ञापन सौंपने की घोषणा कुछ दिन पहले ही कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने की थी।
लेकिन राहुल गांधी ने अब कहा है कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले भारतीयों का साझा विरोध होगा। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल होने वाले लोग पार्टी, जाति, धर्म, समुदाय, लिंग और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर मार्च करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ कथित मारपीट तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर बढ़े राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने हिंसा की।
‘हम देश की ओर से CJI को ज्ञापन देंगे’
राहुल गांधी ने एक्स पर अपने संदेश में विपक्षी दलों, नागरिक संगठनों और आम लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के युवा रविवार को दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरे थे। राहुल ने कहा कि युवा नफ़रत या ग़ुस्से के साथ नहीं, बल्कि प्रेम की भावना लेकर प्रदर्शन करने आए थे, लेकिन उनके साथ पुलिस और बीजेपी से जुड़े लोगों ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि यह उस भारत की तस्वीर नहीं है, जिसे देश के लोग देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम देश की ओर से सीजेआई को ज्ञापन सौंपेंगे।राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग देश की आवाज़ को दबा नहीं सकते। राहुल ने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और वह प्रेम, भाईचारे और देशभक्ति के साथ अपनी बात रखेगा।
CJI सूर्यकांत से मिलेंगे राहुल-खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बताया कि वह और राहुल गांधी सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाक़ात करेंगे। खड़गे के मुताबिक, दोनों नेताओं ने CJI को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। उन्होंने बताया कि मुलाक़ात का समय शाम चार बजे से पाँच बजे के बीच तय है।
खड़गे ने कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश के सामने अपनी चिंताएँ रखेंगे और उनसे हस्तक्षेप का अनुरोध करेंगे। उन्होंने साफ़ किया कि वे किसी तरह की माँग थोपने नहीं, बल्कि स्थिति से अवगत कराने के लिए मिल रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक, इस मुलाक़ात में तीन प्रमुख मुद्दे उठाए जाएंगे। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया। भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी स्वतंत्रता। और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियाँ और ‘वोट चोरी’ के आरोप। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों का संबंध केवल किसी एक चुनाव या राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था से है।
SIR से असली मतदाताओं के नाम कटे: कांग्रेस
कांग्रेस पिछले कुछ समय से SIR के ख़िलाफ़ अभियान चला रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल वास्तविक मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने के लिए किया जा रहा है, ख़ासकर चुनाव से पहले।कांग्रेस का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों से चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर भी चिंता जताई है। हालाँकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को बार-बार ख़ारिज करता रहा है। इसलिए SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों और आयोग के पक्ष के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती का ज़िक्र किया। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था से पता चलता है कि सरकार को अपनी नीतियों के ख़िलाफ़ जनता की आवाज़ उठने का डर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आवाजाही और संचार पर पाबंदियाँ लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को प्रभावित करती हैं। खड़गे का कहना है कि लोकतंत्र में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस ने दिल्ली में पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया है। राहुल गांधी ने कहा है कि विपक्ष सोमवार को इन घटनाओं को लेकर भी जवाबदेही की माँग करेगा।
चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर भी सवाल
खड़गे ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसकी ज़िम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से सत्तारूढ़ पक्ष को राजनीतिक लाभ मिल रहा है। खड़गे ने दावा किया कि अब तक कथित वोट चोरी के ज़रिये केंद्र और राज्यों में सरकारें बनाई गई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के क़ानून की भी आलोचना की। उनका आरोप है कि इस क़ानून ने चुनाव आयोग की जवाबदेही को कमज़ोर किया है और कथित चुनावी गड़बड़ियों पर नियंत्रण को प्रभावित किया है। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज किया है।
CJP प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
INDIA गठबंधन का यह मार्च दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद हो रहे राजनीतिक टकराव का अगला चरण है। राहुल गांधी ने पहले ही घोषणा की थी कि कांग्रेस, INDIA गठबंधन और देश के युवा 12 अक्टूबर को दोबारा बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेंगे।कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और महिलाओं के साथ पुलिस तथा बीजेपी से जुड़े लोगों ने हिंसा की। पार्टी ने इन घटनाओं को लेकर जवाबदेही तय करने की माँग की है। INDIA गठबंधन इस मार्च के ज़रिये अपने विरोध को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना चाहता है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के साथ-साथ युवाओं और नागरिक समाज से भी इसमें शामिल होने की अपील की है।