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ओमिक्रॉन का एक नया रूप बीए.1 तेजी से डेल्टा की जगह ले रहा है: इंसकॉग

देश में कोरोना संक्रमण की इस ताज़ा लहर के लिए ओमिक्रॉन को ज़िम्मेदार माना जा रहा है, लेकिन इसमें भी सबसे ज़्यादा तेज़ी से फैलने वाला ओमिक्रॉन का ही एक नया रूप बीए.1 है। इंसकॉग यानी भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम के वैज्ञानिकों ने यह कहा है। इंसकॉग ही देश में जीनोम सिक्वेंसिंग करने वाली संस्था है जो पता लगाती है कि किसी संक्रमित व्यक्ति को कोरोना के किस वैरिएंट ने संक्रमित किया है। 

वैसे तो ओमिक्रॉन वैरिएंट तीन रूप- बीए.1, बीए.2 और बीए.3 में सामने आया है। ये तीनों रूप ओमिक्रॉन वैरिएंट के हैं। ये तीनों रूप मूल वैरिएंट से इतने अलग नहीं हैं कि इन्हें दूसरा वैरिएंट कहा जाए। यानी ये ओमिक्रॉन फैमिली के हैं। तो सवाल है कि भारत में कौन सा रूप फैल रहा है और यह किस तरह का असर कर रहा है?

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पुणे स्थित इंसकॉग के वैज्ञानिकों ने कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों के नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग पर काम किया है और उन्होंने कहा है कि मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट (बी.1.1.529) के साथ इसका सहोदर बीए.1 महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में प्रमुखता से फैला है। उन्होंने कहा है कि यह डेल्टा वैरिएंट की जगह ले रहा है।

अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट परिवार के दो और रूपों का पता चला है- बीए.2 और बीए.3। टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि ​​​​नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चलता है कि मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अब बीए.1 के मामले ज़्यादा आ रहे हैं। तो क्या इनकी अलग से गिनती हो रही है? वैज्ञानिकों ने कहा कि चूँकि ये रूप एक ही परिवार से संबंधित हैं इसलिए इन नमूनों को ओमिक्रॉन वैरिएंट पॉजिटिव ही माना जाता है।

रिपोर्ट है कि देश में ओमिक्रॉन के बीए.2 के मामले भी मिले हैं, लेकिन इसके मामले बीए.1 की तुलना में बेहद कम हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक भारत में ओमिक्रॉन के बीए.3 के किसी मामले की पहचान नहीं हुई है। 

रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार जितने भी देशों में जीनोम सिक्वेंसिंग में ओमिक्रॉन के मामलों की पुष्टि हुई है उसमें से 99 फ़ीसदी मामले बीए.1 रूप के मिले हैं।

बता दें कि ओमिक्रॉन वैरिएंट बेहद तेज़ी से फैलने वाला वैरिएंट है। यह डेल्टा वैरिएंट से भी काफी तेज़ी से फैलता है। देश में मौजूदा लहर में संक्रमण के मामलों में तेजी से उछाल के लिए ओमिक्रॉन को ही ज़िम्मेदार माना जा रहा है। लेकिन अब तक के आए मामले दिखाते हैं कि अधिकांश रोगियों में ओमिक्रॉन के लक्षण बहुत हल्के हैं और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम होती है।

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देश में अब हर रोज़ डेढ़ लाख से ज़्यादा मामले आने लगे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि एक दिन में कोरोना संक्रमण के 1,79,723 नए मामले सामने आए हैं। ये मामले बीते दिन के मामलों से 12.6% फ़ीसदी ज्यादा हैं। कल कोरोना के 1,59,632 मामले सामने आए थे। बीते 24 घंटों में 146 लोगों की जान गई है। 

जिन पांच राज्यों में सबसे ज़्यादा मामले आए हैं, उनमें महाराष्ट्र में 44,388, पश्चिम बंगाल में 24,287, दिल्ली में 22,751, तमिलनाडु में 12,895 और कर्नाटक में 12,000 लोग संक्रमित हुए हैं। 

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