दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के चर्चित गिटारिस्ट और संगीत शिक्षक चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के मामले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। घटना के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीधे गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक पिता की अपने ही घर के बाहर, देश की राजधानी में हत्या कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी कई घटनाओं के बाद दिल्ली में रहने वाला पूर्वोत्तर का हर परिवार आज खुद से पूछ रहा है- “क्या हम यहां सुरक्षित हैं?” राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस इस बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं, खासकर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ? तत्काल जांच होनी चाहिए और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।

नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

घटना के बाद मणिपुरी समुदाय में भारी आक्रोश है। परिवार और समुदाय के लोगों ने प्रशासन से कहा है कि वे सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि पुलिस ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज हासिल कर लिए हैं और उनसे आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने में मदद मिलेगी। परिवार की मांग है कि पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ होने वाली हिंसा और कथित नस्ली भेदभाव को गंभीरता से लिया जाए।
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पुराने घाव फिर से हरे हो गयेः सीएम कोनराड संगमा 

मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने कहा कि दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की दुखद मौत के लिए जिम्मेदार हमले की घटना से हम लोग बहुत परेशान हैं। इस घटना ने राजधानी में उत्तर-पूर्वी लोगों द्वारा झेली गई क्रूरता के दर्दनाक घावों को एक बार फिर से हरा कर दिया है। हम अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से अनुरोध करते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

मणिपुर के मौजूदा और पूर्व सीएम ने भी निन्दा की

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताते हुए दिल्ली पुलिस से मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि CCTV समेत सामने आ रहे सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ तेजी से उचित कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित को जल्द न्याय मिलना चाहिए। मणिपुर के मुख्यमंत्री केएच युमनाम ने भी सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीत और मणिपुर के सांस्कृतिक जीवन में सिंह के योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
सिंह की मौत के बाद दिल्ली में मणिपुरी समुदाय के लोगों ने कैंडललाइट मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। समुदाय का कहना है कि राजधानी में पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

क्या है पूरा मामला?

54 वर्षीय चोंगथाम विक्रम सिंह पिछले करीब 17 वर्षों से दिल्ली में निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। वह अपनी पत्नी जोशना चोंगथाम और 20 वर्षीय बेटे के साथ दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में एक फ्लैट में रहते थे। उन्हें मणिपुर के संगीत जगत में एक चर्चित गिटारिस्ट और पश्चिमी संगीत के प्रमुख कलाकारों में गिना जाता था। रविवार रात करीब 11:30 बजे सिंह के घर के पास कुछ लोग शोर-शराबा कर रहे थे। इनमें आसपास के ढाबों में काम करने वाले डिलीवरी और पैकेजिंग कर्मचारी भी शामिल थे। 
चोंगथाम विक्रम सिंह ने उन लोगों से शोर मचाने से मना किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सिंह अपने घर की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और इमारत की तीसरी मंजिल तक पहुंचकर उनके साथ उनको बेरहमी से पीटा। मणिपुरी सामाजिक कार्यकर्ता बी रुचिरा शर्मा के मुताबिक, आरोपियों ने तीसरी मंजिल के गलियारे में सिंह को घेर लिया और उन पर लगातार हमला किया। हमले के बाद परिवार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गया, जहां सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई।

CCTV में दिखे आरोपी

मामले में CCTV फुटेज भी सामने आया है। पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी कथित CCTV फुटेज साझा करते हुए दिल्ली पुलिस से तेजी से कार्रवाई और पूरी जांच की मांग की। पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाने को सोमवार रात करीब 1:38 बजे मारपीट की सूचना मिली थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

सात गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में

पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), विजय (36), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32) और मन्नू (26) बताए गए हैं। इसके अलावा एक 15 वर्षीय किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों में कुछ नजदीकी ढाबों में डिलीवरी और पैकेजिंग का काम करते थे, जबकि मन्नू एक पिज्जा कियोस्क में काम करता था। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।
इस घटना ने दिल्ली में पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुरानी चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। राहुल गांधी का सवाल इसी व्यापक चिंता पर केंद्रित है कि राजधानी में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों को बार-बार ऐसी हिंसा और असुरक्षा का सामना क्यों करना पड़ता है और इसे रोकने के लिए केंद्र तथा दिल्ली पुलिस क्या ठोस कदम उठा रहे हैं। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और जांच जारी है। लेकिन इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गिरफ्तारी के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा और कथित नस्ली भेदभाव से जुड़ी व्यापक समस्या पर भी सरकार ठोस कार्रवाई करेगी?