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15 साल में बन जाएगा अखंड भारत : मोहन भागवत 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 15 साल में अखंड भारत बन जाएगा। भागवत ने यह भी कहा कि हम अहिंसा की बात करेंगे पर हाथों में डंडा लेकर अपनी बात कहेंगे।

भागवत ने कहा कि अखंड भारत को बनने से रोकने वाला कोई नहीं है और जो भी इसके रास्ते में आएगा वह मिट जाएगा।

15 दिन में बनाएं: राउत

भागवत के बयान पर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। संजय राउत ने कहा है कि इस काम को 15 साल में नहीं 15 दिन में किया जाना चाहिए, उन्हें कौन रोक रहा है। 

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शिवसेना नेता ने कहा कि पहले पीओके को भारत में शामिल करें इसके बाद पाकिस्तान, श्री लंका और दूसरे देशों को भी भारत में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित घर वापसी भी होनी चाहिए।

राम माधव ने भी दिया था बयान

बीजेपी के महासचिव राम माधव ने भी कुछ साल पहले अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में अखंड भारत को लेकर बयान दिया था। लेकिन बाद में उन्होंने इसे लेकर सफाई दी थी और कहा था कि यह सेना और आक्रमण के जरिए नहीं होगा बल्कि सद्भावना से ऐसा होगा। यह सफाई उन्हें इसे लेकर आई प्रतिक्रियाओं के कारण देनी पड़ी थी।

राम माधव ने बीते महीने भी कहा था कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किया जाना अखंड भारत बनाने की दिशा में पहला कदम है और अगला कदम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना है।

संघ परिवार लगातार अखंड भारत की बात करता रहा है और इसके तहत वह कुछ पड़ोसी देशों को भारत में मिलाने की बात अपने स्वयंसेवकों से कहता है।

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केंद्र में दूसरी बार बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के बाद मोदी सरकार संघ के एजेंडे पर तेजी से आगे बढ़ी है। इसके तहत अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति जैसे काम प्रमुख हैं। लेकिन अखंड भारत की बात कहना और इसे करके दिखाना दोनों अलग-अलग बातें हैं।

अखंड भारत के तहत यह कहा जाता है कि भारत की सीमाएं अफगानिस्तान और ईरान तक थीं। जबकि पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत से ही बने हैं। इसके अलावा श्रीलंका, भूटान, म्यांमार सहित कई देशों को अखंड भारत का हिस्सा बताया जाता है। 

अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य मुल्कों को वापस भारत में मिलाने की बात किसी के गले नहीं उतरेगी क्योंकि ये सभी मुल्क पूरी तरह आज़ाद हैं और अपनी जमीन का एक इंच भी किसी को नहीं लेने देंगे। 

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