सूत्रों के हवाले से ईटी ने बताया कि बैठक की बातचीत में पैगंबर पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी और राजस्थान में कन्हैया लाल की हत्या का मामला शामिल था। हालांकि, ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा बैठक का हिस्सा नहीं था।भागवत ने इस मौके पर कहा कि देश की बेहतरी के लिए इस तरह की बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान गांधीवादी दर्शन और दक्षिण अफ्रीका के दिवंगत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के नजरिए का भारत में पालन करने का सुझाव दिया गया था।