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'तांडव' के निर्माताओं को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने वेब सिरीज़ 'तांडव' के निर्माताओं को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। उनके ख़िलाफ़ अलग-अलग तीन मामले चल रहे हैं। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम. आर. शाह की बेंच ने इस मामले से जुड़े लोगों से कहा है कि वे ज़मानत के लिए हाई कोर्ट जाएं। 

निर्माता अली अब्बास ज़फ़र, एमेजॉन प्राइम इंडिया की अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा, पटकथा लेखक गौरव सोलंकी और अभिनेता मुहम्मद जीशान अयूब की अलग-अलग याचिकाएं सुनने के बाद अदालत कहा कि वह उन्हें कोई राहत नहीं दे सकती। 'लाइव लॉ' के अनुसार अदालत ने अपने आदेश में कहा, "हम धारा 482 के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। हम अंतरिम राहत देने के इच्छुक नहीं हैं।"

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अदालत ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक की सरकारों को भी नोटिस जारी किया है। नौ एपिसोड की इस वेब सिरीज़ पर हिन्दुओं की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है। 

उत्तर प्रदेश के उप- मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है, "वेब सिरीज़ी तांडव के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों ने हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने का अपराध किया है। उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

no interim relief to makers of tandava from supreme court - Satya Hindi

याचिकाकर्ताओं ने ज़मानत देने और मामले को मुंबई की अदालत में भेजने का आग्रह सुप्रीम कोर्ट से किया है। अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार कर लिया है। उनकी पैरवी वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी, फली नरीमन और सुद्धार्थ लूथरा कर कर रहे हैं। 

इन वरिष्ठ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह वेब सिरीज़ एक राजनीतिक व्यंग्य है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पत्रकार अर्णब गोस्वामी को मिली ज़मानत का भी हवाला दिया, जिसमें निजी स्वतंत्रता का हवाला दिया गया था।  

 

विरोध प्रदर्शन

इस वेब सिरीज़ में हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के आरोप लगने के बाद उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की बात कही है तो संतों के अखाड़ा परिषद ने भी उनका साथ दिया है। तांडव की टीम की माफी भी काम नहीं आयी है। 

मुख्यमंत्री का रवैया सख़्त 

सीरीज के अभिनेता सैफ अली ख़ान के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा दर्ज किया गया। सीरीज़ से जुड़े लोगों से पूछताछ के लिए यूपी पुलिस के चार अधिकारियों दो टीमें टीम मुंबई गईं। प्रदेश में लखनऊ, कानपुर सहित कई जगहों पर तांडव के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। माफी के बाद भी  इस मामले में मुख्यमंत्री के रवैये को देखते हुए गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। 

लखनऊ पुलिस के बाद नोएडा पुलिस ने कमिश्नर आलोक सिंह के निर्देश पर सीरीज़ में काम करने वाले कलाकारों सैफ़ अली ख़ान, डिम्पल कपाड़िया समेत अमेज़न प्राइम वीडियो के लोगों के ख़िलाफ़ एक और मुक़दमा दर्ज किया। 

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि वेब सीरीज तांडव के निर्माताओं ने तब माफी मांगी जब हमने इसका विरोध किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि महज इस माफी से काम नहीं चलने वाला बल्कि शपथपत्र देकर फिल्म जगत में काम करने वाले सभी संप्रदाय विशेष के कलाकार माफी मांगें और कहें कि आगे से कभी इस तरह की गलती नहीं करेंगे। 

नरेंद्र गिरि ने कहा कि फिल्म जगत के लोग सनातन परंपरा व हिन्दू धर्म का आए दिन अपमान करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म जगत में संप्रदाय विशेष के लोगों का वर्चस्व है जो इस तरह की हरकतें करते रहते हैं और अब अखाड़ा परिषद इस पर चुप नहीं बैठेगा। 

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