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ओमिक्रॉन: नए नियम लागू, एयरपोर्ट्स पर कोरोना टेस्ट के लिए लग रही लंबी लाइन

ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचने के लिए भारत सरकार की ओर से जारी कई गई नई गाइडलाइंस मंगलवार रात से लागू हो गई हैं। इसके बाद तमाम एयरपोर्ट्स पर लंबी लाइन देखी जा रही है क्योंकि कोरोना वैरिएंट के ‘ख़तरे’ वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए कोरोना का टेस्ट कराना ज़रूरी कर दिया गया है। लोगों को टेस्ट के रिजल्ट के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। टेस्ट की क़ीमत भी उन्हें चुकानी पड़ रही है। 

भारत में सभी एयरपोर्ट्स पर यह नियम लागू हो गया है कि ओमिक्रॉन के ‘ख़तरे’ वाले देशों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन किया जाए। ऐसे देशों में ब्रिटेन, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, ब्राजील, हांगकांग, इज़राइल और न्यूजीलैंड शामिल हैं। 

एयरपोर्ट से जाने से पहले उन्हें नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। ऐसे यात्री नेगेटिव रिपोर्ट आए बिना एयरपोर्ट से बाहर नहीं जा सकते हैं। टेस्ट नेगेटिव आने पर उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटीन में रहना होगा। 

इसके अलावा ऐसे देश जहां पर ओमिक्रॉन का वैरिएंट नहीं मिला है, वहां से आने वाले सभी यात्रियों का भी कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। 

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नए नियमों के लागू होने की वजह से सभी एयरपोर्ट्स पर ख़ासकर बड़े एयरपोर्ट्स पर काफी भीड़ लग रही है। दिल्ली और चेन्नई में लोगों को टेस्ट का नतीजा आने तक छह घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। 

एनडीटीवी के मुताबिक़, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी इस टेस्ट के नतीजे के लिए लोग काफी देर तक खड़े रहे। एंटीजन टेस्ट कराने वालों को ढाई से तीन घंटे तक जबकि आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने वालों को पांच से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ा। 

मुंबई एयरपोर्ट पर यह नियम बनाया गया है कि कोरोना वैरिएंट के ख़तरे वाले देशों से आने वाले यात्रियों को सात दिन के क्वारंटीन में रहना होगा। इस दौरान उन्हें दूसरे, चौथे और सातवें दिन आरटी-पीसीआर टेस्ट भी कराना होगा। उन्हें एयरपोर्ट से जाने की इजाजत तभी दी जाएगी जब उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ जाए। 

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छह यात्री मिले पॉजिटिव 

जिन देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है, वहां से मुंबई पहुंचे छह लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार सुबह इस बात की जानकारी दी है। 

विभाग ने कहा है कि इन सभी छह लोगों में या तो कोई लक्षण नहीं हैं या फिर बेहद हल्के लक्षण हैं। इन सभी के सैंपल्स को जीनोम सीक्वेन्सिंग के लिए भेज दिया गया है। 

स्वास्थ्य महकमा इस बात की भी जांच कर रहा है कि कौन-कौन लोग इन लोगों के संपर्क में आए हैं।

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