NEET पेपर लीक विवाद, राम मंदिर में दान की चोरी समेत कई मुद्दों पर विपक्ष के सांसदों को स्पीकर ने बोलने नहीं दिया। बीजेपी सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। बार-बार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। बार-बार नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन के कारण सदन का कामकाज पहले दिन नहीं हो सका, जिससे कार्यवाही को कई बार रोकना पड़ा और अंततः दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा। उधर, राज्यसभा में भी मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के सांसद परीक्षा के पेपर लीक होने के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों को पीटे जाने का मामला उठाया लेकिन उनको उसके बाद बोलने नहीं दिया गया।
इससे पहले संसद की कार्यवाही 20 जुलाई को हंगामे के साथ शुरू हुई। विपक्षी सांसदों ने कथित NEET-UG पेपर लीक और अयोध्या में राम मंदिर में दान की कथित चोरी को लेकर नारेबाज़ी करते हुए प्रश्नकाल में बाधा डाली, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सदन नारेबाज़ी से नहीं चल सकता और सांसदों से कार्यवाही जारी रखने देने का आग्रह किया। विरोध जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद संसद के दोनों सदन लौटे। विपक्षी नेताओं ने बार-बार छात्रों का मुद्दा, राम मंदिर दान घोटाले के मामले उठाने चाहे लेकिन दोनों सदनों में विपक्ष को अनुमति नहीं मिली और दोनों सदनों को कई बार स्थगित किया गया।

खड़गे ने लाठी चार्ज का मुद्दा सदन में उठाया

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा, "आपने मुझे इस पेपर लीक और NEET परीक्षा घोटाले के बारे में अपनी बात रखने का मौका दिया है। यह मामला छात्रों से जुड़ा है; मैं लाखों बच्चों के भविष्य की बात कर रहा हूँ। इस मुद्दे के लिए हज़ारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। वहाँ लाठीचार्ज हुआ है। सरकार बल प्रयोग करके आवाज़ दबाने और उन्हें वहाँ से हटाने की कोशिश कर रही है।" इसी हंगामे के दौरान राज्यसभा भी स्थगित हो गई।

छात्रों की बात सुनी जाएः सपा

समाजवादी पार्टी की सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने कहा- "हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि हालात अब बर्दाश्त से बाहर हो गए हैं। देश भर में किसान हों, पर्यावरण का मुद्दा हो या युवा - हर कोई परेशान है, फिर भी यह सरकार न तो कुछ सुनने को तैयार है और न ही किसी शिकायत का समाधान करने को। छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं; लेकिन यह सरकार न तो निष्पक्ष परीक्षा का समर्थन करती है और न ही निष्पक्ष चुनाव का।"
इससे पहले सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि "संसद का यह मानसून सत्र देशहित में सार्थक और उत्पादक (productive) रहेगा।"

सरकार का विधायी एजेंडा: पेश होंगे कई अहम विधेयक

इस सत्र में केंद्र सरकार कई प्रमुख विधेयकों को संसद के पटल पर रखने और पारित कराने की तैयारी में है: 
  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान का निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026: इसके जरिए राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को वैधानिक संरक्षण देने और इसके अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान है। 
  • सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: शीर्ष अदालत में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने से संबंधित अध्यादेश को बदलने के लिए यह बिल लोकसभा में पेश किया जा रहा है। 
  • अन्य प्रमुख विधेयक: आयकर (संशोधन) विधेयक 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026, तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास (संशोधन) विधेयक 2026। 
  • परिसीमन व 'एक राष्ट्र, एक चुनाव': आगामी समय में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के 33% आरक्षण को लागू करने के उद्देश्य से परिसीमन (Delimitation) और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' से जुड़े संवैधानिक संशोधनों को लेकर भी कयास तेज हैं।
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किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष? 

विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने सत्र के पहले ही दिन से सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है: 
  • NEET-UG पेपर लीक: नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष दोनों सदनों में जोरदार बहस और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। 
  • अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में मिले दान और चंदे में कथित गबन के मुद्दे पर राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव (Suspension of Business notice) पेश कर तत्काल चर्चा की मांग की है। 
  • सोनम वांगचुक का अनशन व जंतर-मंतर प्रदर्शन: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में विपक्षी दलों ने संसद तक मार्च का आह्वान किया है। 
  • अन्य मुद्दे: एथेनॉल ब्लेंडिंग नीतियां, विदेश नीति की चुनौतियां और महंगाई जैसे विषयों पर भी विपक्षी दल सरकार से सवाल पूछने की तैयारी में हैं।

राजनीतिक समीकरण और सर्वदलीय बैठक 

सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 40 से अधिक राजनीतिक दलों के 50 से ज्यादा नेताओं ने हिस्सा लिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और देश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की।
हालिया राजनीतिक उलटफेर के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की स्थिति संसद में और मजबूत हुई है, जिससे सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में आसानी होने की संभावना है।