लोकसभा और राज्यसभा का मानसून सत्र गुरुवार को आखिरी दिन मुश्किल से एक घंटा चल पाया। उत्तराखंड के हलद्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह को शुद्ध किये जाने का मामला तूल पकड़ गया। इसे खुद खड़गे ने राज्यसभा में उठाया तो विपक्ष ने हंगामा किया। लोकसभा में सत्र के आखिरी दिन की शुरुआत वंदेमातरम गायन से हुई। लेकिन विपक्ष छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करता रहा। इसी दौरान लोकसभा की कार्यवाही अगले सत्र तक समाप्त घोषित कर दी गई। सरकार यह भांप गई थी कि उत्तराखंड में हुई घटना लोकसभा में भी उठेगी। उसने चर्चा की नौबत ही नहीं आने दी।

उत्तराखंड में शुद्धिकरण के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा

संसद शुरू होते ही राज्यसभा में हंगामा हुआ। भाजपा शासित उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद वहां शुद्धिकरण समारोह कट्टरपंथी हिन्दू संगठन ने आयोजित किया। खड़गे के इस मुद्दे को उठाते ही विपक्ष ने हंगामा कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि बीजेपी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती। नड्डा ने कहा- “खड़गे जी ने जो कहा वह वाकई दुखद है - न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हम सबके लिए...हम इसकी जांच करेंगे।” उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि घटना की जांच की जाएगी और कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। नड्डा ने कहा- “मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। हम सभी को बहुत खेद है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं।”
  • भारी हंगामे के बाद करीब 12 बजे राज्यसभा को अगले सत्र तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी तरह लोकसभा के सत्र को भी वंदेमातरम गायन के बाद समाप्त घोषित किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे। लोकसभा स्पीकर ने विपक्ष के हंगामे को मुद्दा बनाकर सदन को स्थगित किया। इस तरह लोकसभा और राज्यसभा के मानसून सत्र का समापन हो गया। 
मैं इस बात को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं वर्षों से इस सदन का सदस्य हूं और निचले सदन में भी रहा। मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मैं दलित हूं, मेरी रक्षा करो और न ही किसी के सामने गिड़गिड़ाया। मुझ में लड़ने की शक्ति है और मैं लड़ता हूं। लेकिन हल्द्वानी में स्टेज का शुद्धिकरण कर मुझे Untouchability का एहसास कराया गया और मेरा अपमान किया गया।
-मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष
-हलद्वानी में कट्टर हिन्दू संगठनों ने खड़गे की रैली वाली जगह शुद्ध की

खड़गे ने सदन में क्या कहा

अपने संबोधन में खड़गे ने कहा, “मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा की। लाखों लोग वहां मौजूद थे। उस समय मैंने किसी भी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया; मैंने केवल सरकार के मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, भाजपा के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में ऐसा कृत्य उचित है और संवैधानिक मूल्यों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा, “क्या लोकतंत्र में यही तरीका है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं...”
  • खड़गे ने कहा, “उन्हें हवन करने दीजिए। हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि इस देश में दलितों के लिए प्रगति का कोई स्थान नहीं है। धर्म के नाम पर वे सबको बांटने की कोशिश कर रहे हैं। वहां 'शुद्धिकरण' की क्या जरूरत थी? उन्होंने जो किया है वह हिंदू धर्म के विरुद्ध है और इसके अलावा वे देश को बांटने और जातिगत संघर्ष पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं।” उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है।
उत्तराखंड में इस मुद्दे ने पहले ही राजनीतिक हलचल मचा दी है, जहां कांग्रेस और भाजपा हल्द्वानी के राम लीला मैदान में आयोजित अनुष्ठान को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं। यह अनुष्ठान एक दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा दलित मूल के खड़गे के उसी स्थान पर जनसभा को संबोधित करने के दो दिन बाद आयोजित किया गया था। 
कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस मंच का "हवन" किया और "शुद्धिकरण" किया, जहां से उन्होंने 8 अगस्त को एक रैली को संबोधित किया था।

प्रियंका गांधी ने निन्दा की

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी के भाषण के स्टेज का शुद्धिकरण करना BJP-RSS की गिरी हुई मानसिकता का प्रदर्शन है। PM मोदी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद सत्र पूरा हो गया और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सदन में आए हैं, तो कैसे ये लोकतंत्र और पार्लियामेंट चलेगा?

उत्तराखंड को शुद्धिकरण की ज़रूरतः शैलजा

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण हवन को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा-आरएसएस सरकार और उनकी विचारधारा के लिए यह शर्म की बात है कि एक तरफ वे 'तिरंगा यात्रा' आयोजित करने की बात करते हैं और इस तरह का प्रचार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त और राष्ट्र एवं विश्व द्वारा समर्थित समानता के सिद्धांत का हमारे नेता और विपक्ष के नेता के संबंध में खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।” शैलजा ने पूछा, “यह किस तरह का 'शुद्धिकरण' है?” 
उन्होंने आगे कहा, “उत्तराखंड को शुद्धिकरण की जरूरत है, ऐसी विचारधारा, ऐसी मानसिकता, ऐसी घृणित सोच से शुद्धिकरण की जरूरत है।”

खनन संशोधन विधेयक पास

हंगामे के दौरान राज्यसभा में गुरुवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया। इस विधेयक का मकसद खनिज खोज एवं विकास, विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को आसान बनाना है, साथ ही खनन पट्टा धारकों को अधिक छूट देना है।

संसद परिसर में प्रदर्शन

संसद परिसर में, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए- "56 इंच का छोटा बंदर, जल्दी आओ सदन के अंदर"।

स्पीकर की चाय पार्टी का बहिष्कार

मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी सांसदों को चाय पार्टी पर बुलाया गया। लेकिन कांग्रेस, सपा सहित तमाम विपक्षी सांसदोंने इसका बहिष्कार किया। हालांकि सूत्रों का कहना है कि डीएमके सांसद कनिमोझी ने चाय पार्टी में हिस्सा लिया। स्पीकर ने नेता विपक्ष राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को खासतौर पर आमंत्रित किया था लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया।