ओखला में जामिया के पास तैनात पुलिस
पीएफआई को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहली बार ओखला और शाहीन बाग पर फोकस किया है। दिल्ली पुलिस को आशंका है कि मंगलवार को हुई गिरफ्तारियों का विरोध हो सकता है, इसलिए धारा 144 लागू कर दी गई, ताकि जामिया के छात्र सड़कों पर न उतर सकें। वैसे भी उसने अधिकृत रूप से जामिया के छात्रों और टीचरों को समूहों में जमा न होने की चेतावनी दी है। मालूम हो कि सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कई छात्र नेता और राजनीतिक कार्यकर्ता अभी भी जेलों में हैं। उनकी किसी कोर्ट से जमानत नहीं हुई है। इन राजनीतिक बंदियों में सबसे प्रमुख चेहरा जेएनयू के छात्र नेता रहे उमर खालिद और शारजील इमाम हैं जो पिछले दो वर्षों से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं।