पेपर लीक और NEET-UG विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई और दोषियों को सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन करेगी।
हालाँकि, प्रधानमंत्री की इस पहल को विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठन ने खारिज कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगेः मोदी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा: "हमारे युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को त्वरित और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।"
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उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये फास्ट-ट्रैक अदालतें सांसदों और विधायकों (MP/MLA) के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालतों की तर्ज पर काम करेंगी।

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार

प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार 23 जुलाई को तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने 'X' पर पोस्ट कर कहा: "आप ही वह व्यक्ति हैं जिसने हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाया है। आपने हमारी शिक्षा प्रणाली के संपूर्ण विनाश को बढ़ावा दिया और इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।"
राहुल गांधी ने छात्रों की ओर से सरकार के समक्ष 3 मुख्य मांगें रखीं:

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा / बर्खास्तगी।

  • पीड़ित छात्रों से सरकार/पीएम मोदी द्वारा सार्वजनिक माफी।

  • प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग/हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।

CJP और अभिजीत दीपके का रुख: 'इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं'

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे संगठन CJP और अभिजीत दीपके ने भी प्रधानमंत्री के ऐलान को नाकाफी बताया। CJP ने पीएम के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट शब्दों में लिखा: "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए।" CJP का कहना है कि सिर्फ अदालतें बनाने से शिक्षा व्यवस्था में आया संकट दूर नहीं होगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और पूरी जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को धरना जारी है। बीती रात यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुई थीं। हालांकि गुरुवार 23 जुलाई को भारी भीड़ जंतर मंतर पर मौजूद है। सरकार के निर्देश पर 16 मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जिससे ज्यादा प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंच नहीं सकें। संसद में विपक्ष इस मामले को उठाने की कोशिश कर रहा है लेकिन सरकार उसे यह मुद्दा उठाने नहीं दे रही है। विपक्ष का कहना है कि विपक्षी नेताओं और सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा है।