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कोरोना: पीएम मोदी ने की 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा, लॉकडाउन जारी रहेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘दुनिया भर में कोरोना से 42 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और पौने तीन लाख लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है। एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। सारी दुनिया जिंदगी बचाने में जंग में जुटी है। हमने ऐसा संकट न देखा, न सुना है।’ 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'लॉकडाउन का चौथा चरण पूरी तरह नए रंग-रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा। राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4 से जुड़ी जानकारी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी।'

इस दौरान प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा भी की। उन्होंने कहा, ‘यह पैकेज हमारे लघु, मझोले उद्योगों के लिए है, यह पैकेज उस श्रमिक, किसान के लिए है, जो देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम करता है। यह पैकेज उस वर्ग के लिए है जो दिन-रात मेहनत करता है और ईमानदारी से टैक्स देता है।’ उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री 13 मई से इस बारे में क्रमवार जानकारी देंगी। 

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‘लोकल को दें प्राथमिकता’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोरोना संकट ने हमें लोकल सप्लाई चेन, लोकल मार्केट का महत्व समझाया है। हमें लोकल ने ही बचाया है। समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपने जीवन का मंत्र बनाना ही होगा। आज से हर भारतवासी को लोकल उत्पाद ख़रीदने हैं और उनका गर्व से प्रचार भी करना है।’ इस दौरान मोदी ने कहा कि लोगों ने उनकी खादी, हैंडलूम ख़रीदने की अपील को समर्थन दिया और इसे ब्रांड बना दिया।’

मोदी ने कहा, ‘निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह संकट अभूतपूर्व है। लेकिन थकना, हारना, बिखरना, टूटना मानव को मंजूर नहीं है। 21 वीं सदी भारत की हो, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। ऐसे संकट के समय हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है। इसका एक ही मार्ग है, आत्मनिर्भर भारत।’

मोदी ने कहा, ‘साथियों, हमारा सदियों का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। भारत हमेशा विश्व के कल्याण की राह पर ही चला है। आज हमारे पास साधन है, दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है। हम सबसे बेहतर प्रोडक्ट और सप्लाई चेन बनाएंगे।’ इस दौरान उन्होंने गुजरात के कच्छ में आए विनाशकारी भूकंप का जिक्र किया और कहा कि तब किसी ने नहीं सोचा था कि कच्छ फिर खड़ा होगा लेकिन ऐसा हुआ। 

मोदी ने कहा, ‘हम ठान लें तो कोई राह मुश्किल नहीं है। भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है जिससे भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। इसके पांच स्तंभ हैं। पहला स्तंभ है - इकॉनमी। दूसरा - इंफ्रास्ट्रक्चर, तीसरा - हमारा सिस्टम, चौथा - हमारी डेमोग्राफ़ी और पांचवा स्तंभ मांग है।’ 

अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें कोरोना के संकट के साथ जीना सीखना होगा और हम भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही रहेंगे। मोदी ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी।’ 

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्रियों से बातचीत की थी। इसमें कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के मुद्दे पर बातचीत हुई थी। यह बातचीत 6 घंटे तक चली थी। 

इस दौरान मुख्यमंत्रियों ने ज़ोन तय करने का अधिकार देने और केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज देने की मांग को प्रमुखता से रखा था। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को भरोसा दिलाया था कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को खोलने के रास्ते खोज रही है। 

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बातचीत के दौरान महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, असम, बिहार और पश्चिम बंगाल ने लॉकडाउन को बढ़ाने का समर्थन किया था। लॉकडाउन 3.0 में कुछ ढील देते हुए केंद्र सरकार ने गांवों, कस्बों में बाज़ारों और शहरों में छोटी दुकानों को खोलने व कृषि सहित कुछ अन्य काम करने की अनुमति दी थी। 

देश भर में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का आंकड़ा 70 हज़ार से ज़्यादा हो चुका है और 2293 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली और राजस्थान में कोरोना का संक्रमण बहुत ज़्यादा है। इसमें से भी महाराष्ट्र और गुजरात, ख़ासे प्रभावित हैं। 

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