राहुल गांधी ने कहा, 'मोदी सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है। इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है। ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है।'
राहुल गांधी ने पैलेट गन से घायल युवक को साथ लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की
जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल से प्रशासन के लगातार इनकार के बीच राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हज़ारों छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल एक व्यक्ति को दिखाते हुए यह दावा किया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए और एक छात्र की आंख की रोशनी तक चली गई। राहुल गांधी ने सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल छात्र से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साहिल नाम के एक छात्र का नाम लेते हुए कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हाथ में तिरंगा लेकर शामिल थे, लेकिन उनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया। राहुल गांधी ने कहा, "मोदी सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है। इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है और दिखना बंद हो गया है। ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है।'
राहुल ने आगे कहा कि डॉक्टर अभी यह नहीं बता पा रहे हैं कि घायल छात्र की आँख की रोशनी वापस आएगी या नहीं।
'पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने पर हमला'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिन छात्रों पर बल प्रयोग हुआ, वे सिर्फ नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'इन युवाओं का सिर्फ़ इतना कसूर है कि उनका पेपर लीक हुआ और वे उसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे। मोदी सरकार ने देश के भविष्य पर हमला किया है।' राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।राहुल गांधी ने तीन मांगें रखीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने सरकार के सामने छात्रों की तीन प्रमुख मांगें रखीं।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए।
- छात्रों पर कथित पैलेट गन चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों और पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
राहुल गांधी ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
'धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक'
राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था खराब होने के लिए धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं और अब उनका पद पर बने रहना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और इस पर सरकार को फैसला लेना होगा।
पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद
राहुल गांधी का यह बयान तब आया है जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को पैलेट जैसी चोटें आईं। इन रिपोर्टों में घायल छात्रों के बयान और मेडिकल दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। हालाँकि दिल्ली पुलिस पहले ही प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार कर चुकी है।
अब राहुल गांधी ने घायल छात्र को सामने लाकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।सरकार से बातचीत में क्या हुआ?
इस बीच, छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि गुरुवार को संविधान क्लब में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ क़रीब दो घंटे तक बातचीत हुई। रांका के मुताबिक़ सरकार ने सिद्धांत रूप से दो मांगें मान ली हैं। उनका कहना है कि नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या करने वाले परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सहमति हो गई है और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य मामलों को वापस लेने पर सकारात्मक रुख है। हालाँकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने शुक्रवार दोपहर तक का समय मांगा है।
रांका ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान को जल्द हटाने का फैसला करेगी।' उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सरकार और सीजेपी नेताओं के बीच शनिवार को बातचीत का एक और दौर होने की संभावना है।