भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को यह शिकायत सौंपी है। आरोप है कि बिना पूर्व सूचना दिए राहुल गांधी ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणियां कीं। विदेश मंत्रालय ने मेलोनी विवाद पर बयान जारी किया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर घेरने की कोशिश सरकार ने शुरू कर दी है। एक तरफ जहां लोकसभा सचिवालय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर असंसदीय और अमर्यादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाते हुए उन्हें विशेषाधिकार हनन का नोटिस थमाया है। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय और बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है।
अनुराग ठाकुर ने की है शिकायत
लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को एक नोटिस जारी कर 28 अगस्त 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने 30 जुलाई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को यह शिकायत सौंपी थी। यह मामला लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' (Public Examination Amendment Bill, 2026) पर चर्चा के दौरान का है।
अनुराग ठाकुर और अन्य बीजेपी सांसदों का आरोप है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया तथा नियम 353 (Rule 353) के तहत पूर्व सूचना दिए बिना उन पर गंभीर आरोप लगाए। लोकसभा सचिवालय ने इन शिकायतों का संज्ञान लिया है।
इसके अलावा, बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने भी 29 जुलाई को अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि उसी बहस के दौरान राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर असंसदीय भाषा के प्रयोग का संज्ञान लिया जाए। जयसवाल ने अध्यक्ष से प्रक्रिया नियमों के तहत उचित कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने अमित शाह को ऐसा क्या कहा, जो सरकार इतना नाराज़
29 जुलाई 2026 को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार पर कई गंभीर आरोप व टिप्पणियां की थीं:
- पुलिस कार्रवाई और 'पैलेट गन' के आरोप
राहुल गांधी ने दिल्ली में नीट (NEET) और पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन/गोलीबारी के पीछे सीधे गृह मंत्री का हाथ था। उन्होंने सदन में कहा कि “देश के गृह मंत्री में यहाँ आकर बैठने की हिम्मत नहीं है... वे आज सदन में इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे डरे हुए हैं। उन्होंने हमारे छात्रों पर पैलेट गन और लाठियां चलवाईं।”
- "अक्षम या दोषी" बताते हुए इस्तीफे की मांग
सदन के बाहर और भीतर राहुल गांधी ने कहा कि या तो अमित शाह ने खुद छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट चलाने के आदेश दिए या फिर उन्हें अपने मंत्रालय की कार्रवाई की खबर ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि "दोनों ही स्थितियों में वे या तो दोषी हैं या अक्षम हैं, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।" उन्होंने इस संबंध में एक लेख भी लिखा था।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को "झूठ का पुलिंदा" और निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा कोई गोलीबारी नहीं हुई थी और कानून-व्यवस्था का आदेश मजिस्ट्रेट द्वारा दिया जाता है।
विदेश नीति पर हमले से विदेश मंत्रालय तिलमिलाया, बयान जारी
नई दिल्ली में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बीच हुई बातचीत पर भारी राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विदेश नीति का मतलब अन्य नेताओं को "गले लगाना" (Hug) कैसे हो गया। अपनी बात को दर्शाने के लिए राहुल गांधी ने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया।
राहुल गांधी ने कहा था- "पता नहीं पीएम के दिमाग में कहां से आया कि विदेशी नेता उनके दोस्त हैं... उन्हें कहां से विचार मिला कि विदेश नीति नेताओं को गले लगाने के बारे में है?" इसके बाद संदीप दीक्षित ने चुटकी लेते हुए पूछा- "एक चीज़ पूछ सकता हूँ? मेलोनी तो नहीं समझ था?" इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा— "मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं।"
राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव के समय भारत के पास मध्यस्थता का बड़ा अवसर था, लेकिन पाकिस्तान ने जगह बना ली और भारत देखता रह गया। राहुल गांधी ने भाषण में भाजपा और आरएसएस के लिए भी तीखे शब्दों का प्रयोग किया।
इस बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हाल के वर्षों में भारत और इटली के संबंध हर क्षेत्र में मजबूत और व्यापक हुए हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा, "इटली के साथ हमारे संबंध मजबूत हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध हर तरह से विस्तृत और प्रगाढ़ हुए हैं। कूटनीतिक मर्यादा के तहत यह बेहद जरूरी है कि हम एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक रहें और आपसी समझ को बनाए रखते हुए रिश्तों को आगे बढ़ाएं।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी पर राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं लांघने का आरोप लगाया।