केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद उसके तमाम नेता संविधान को बदलने की मांग करते रहे हैं। कभी संविधान के मूल ढांचे को ही बदलने की मांग भाजपा समर्थकों या नेताओं की ओर से की गई। अधीर रंजन का नया आरोप गंभीर है। अगर भारत सेकुलर और सोशलिस्ट देश नहीं रहा तो वो फिर क्या है। कांग्रेस के तमाम नेता और जनसंगठन आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा और आरएसएस इस देश को एक हिन्दू राष्ट्र में बदलना चाहते हैं। इसके सबूत में वो प्रधानमंत्री के तमाम सरकारी कार्यक्रमों में पूजा पाठ का हवाला देते हैं, जबकि भारत के प्रधानमंत्री से सेकुलर होने की उम्मीद की जाती है। आरोप लगाया गया है कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद भाजपा हिन्दू धर्म का प्रचार कर रही है।