क्रिकेटर सरफराज खान को इंडिया ए टीम में शामिल न किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने पूछा- क्या सरनेम वजह है? बीजेपी ने इसे 'विभाजनकारी राजनीति' बताया और कांग्रेस पर निशाना साधा।
शमा मोहम्मद और सरफराज खान
भारतीय क्रिकेट टीम में चयन को लेकर फिर बड़ा विवाद हो गया है। सरफराज खान को इंडिया ए टीम में भी शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने पूछा है कि क्या सरनेम की वजह से सरफराज़ को नहीं चुना गया? उनके इस बयान को धार्मिक आधार पर भेदभाव वाला आरोप लगाने के तौर पर देखा गया। एक दिन पहले ही असदुद्दीन ओवैसी ने भी इंडियन एक्सप्रेस की ऐसी ही रिपोर्ट को साझा किया था जिसमें उनका चयन नहीं होने को लेकर सवाल उठाया गया है। बीजेपी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस की इस तरह की मानसिकता बाँटने वाली है और भारतीय क्रिकेट टीम को धार्मिक आधार पर बाँटने की कोशिश की जा रही है।
इस पर ताज़ा विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय क्रिकेट टीम की चयन प्रक्रिया में धार्मिक पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शामा मोहम्मद ने बुधवार को मुख्य कोच गौतम गंभीर पर तीखा हमला किया। उन्होंने मुंबई के प्रतिभाशाली बल्लेबाज सरफराज खान को सीनियर नेशनल टीम के असाइनमेंट्स के लिए न चुने जाने की आलोचना की। उन्होंने ट्वीट किया, 'क्या सरफराज खान को उनके सरनेम की वजह से नहीं चुना गया! सिर्फ़ पूछ रही हूँ। हमें पता है कि गौतम गंभीर इस मामले में क्या सोचते हैं।' बता दें कि गौतम गंभीर पहले भारतीय जनता पार्टी में रह चुके हैं।
उनका यह बयान मंगलवार को घोषित इंडिया ए स्क्वाड के बाद आया, जिसमें सरफराज को दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ अक्टूबर-नवंबर में बेंगलुरु में होने वाली सीरीज के लिए जगह नहीं दी गई।
चयन समिति के फैसले ने घरेलू क्रिकेट के लगातार बढ़िया प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक के साथ कथित अन्यायपूर्ण व्यवहार पर बहस को फिर से हवा दे दी है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरफराज को अब दूसरी श्रेणी की टीम के लिए भी विचार नहीं किया जा रहा।
लंबे समय से उन्हें नहीं मिली जगह
सरफराज ने आखिरी बार नवंबर 2024 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ में भारत के लिए खेला था। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी में मौक़ा नहीं मिला। इंग्लैंड दौरे के लिए भी उन्हें नहीं चुना गया, भले ही उन्होंने अपने शरीर में कई बदलाव लाए हों। रिपोर्ट है कि उन्होंने अपना वजह 10 किलो कम किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें विचार नहीं किया गया।
बीसीसीआई ने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दो चार-दिवसीय मैचों के लिए इंडिया ए स्क्वाड की घोषणा की। सरफराज का नाम दोनों स्क्वाड्स से गायब है, जो उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चौंकाने वाला है। उन्होंने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ कैंटरबरी में 92 रन बनाए थे और रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 42 और 32 रन की पारियां खेलीं। दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ इंडिया ए टीम में भी शामिल न होने से उनके प्रशंसक स्तब्ध हैं।
यह पहली बार नहीं है जब शमा मोहम्मद क्रिकेट पर अपने विचारों से विवाद में हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा पर टिप्पणी कर बैकलैश झेला था। 'फैट शेमिंग' के लिए सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई थी। अब सरफराज के चयन विवाद पर उनकी टिप्पणी ने फिर से राजनीतिक रंग ले लिया है।
ओवैसी ने भी उठाए सवाल
मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरफराज के लगातार बढ़िया प्रदर्शन के बावजूद इंडिया ए टीम में न चुने जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट को साझा किया है जिसमें लिखा है कि उनका ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार सरफराज ने लंबी प्रतीक्षा के बाद टेस्ट डेब्यू किया था और उन्होंने छह टेस्ट में 371 रन बनाए, औसत लगभग 40 का। न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी सीरीज में उन्होंने शतक (150) लगाया था। घरेलू क्रिकेट में उनका औसत 65.19 है, जिसमें 56 फर्स्ट-क्लास मैच शामिल हैं।
'राजनीति की जरूरत नहीं'
इस बीच, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने आलोचकों पर हमला बोला। उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, 'इसमें राजनीति करने की कोई जरूरत नहीं। खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं ये तथाकथित मुस्लिम नेता। शमी खेलते हैं, सिराज खेलते हैं। यह ठीक नहीं है।'
बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने शमा मोहम्मद के ट्वीट को लेकर एनडीटीवी से कहा, 'यह घृणित ट्वीट स्पष्ट रूप से कांग्रेस की विभाजनकारी मानसिकता, पूर्वग्रह और भेदभावपूर्ण मानसिकता को दिखाता है। सांप्रदायिक कांग्रेस पार्टी अब हमारी भारतीय क्रिकेट टीम को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। यह निंदनीय है। ध्रुवीकरण की जहरीली राजनीति कांग्रेस का हथियार रही है।'
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शमा मोहम्मद के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'उसी टीम में मोहम्मद सिराज और खलील अहमद खेलेंगे! भारत को सांप्रदायिक और जातिगत आधार पर बांटना बंद करें। अपनी गंदी राजनीतिक सांप्रदायिक एजेंडे को क्रिकेट से दूर रखें।'
सरफराज खान को इंडिया ए टीम में जगह नहीं मिलना क्रिकेट जगत में बहस छेड़ रहा है। क्या यह चयन प्रक्रिया में पूर्वग्रह है या रणजी पर फोकस? शमा मोहम्मद के बयान ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है। वैसे, भारतीय क्रिकेट टीम में चयन को लेकर ऐसे आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं।